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खाद्य सुरक्षा करने वाले अफसरों पर हाईकोर्ट का सख्त फैसला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 30 Apr 2017 10:17 AM IST
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खाद्य पदार्थ सुरक्षा एवं मानदंड अधिनियम के प्रावधानों को अक्षरश: अमल में न लाने के मामले में हिमाचल हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने इस अधिनियम के तहत आने वाले अधिकारियों को ट्रेनिंग पर भेजने के आदेश पारित किए हैं।
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इस अधिनियम से जुड़े एक मामले पर फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि इस अधिनियम के तहत आने वाले अपराधों के खिलाफ प्रावधानों को लागू करने में अधिकारियों का रवैया लापरवाहीपूर्ण और गैर जिमेदाराना पाया गया है।
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इसका मूल कारण है कि वह इस अधिनियम के प्रावधानों के बारे में अनभिज्ञ हैं। इस कारण उन्हें इस अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देने के लिए ट्रेनिंग पर भेजा जाए। आयुक्त खाद्य पदार्थ सुरक्षा को आदेश दिए हैं कि वह इस बाबत निदेशक न्यायिक अकादमी से विचार-विमर्श करें ताकि इस अधिनियम के तहत आने वाले अधिकारियों को नियमित तौर पर इस विषय से संबंधित प्रशिक्षण देने बाबत समयसारणी तैयार की जाए।
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मामले से जुड़े तथ्यों के अनुसार फूड सेफ्टी अफसर ने प्रार्थी पंकज महाजन की दुकान से दालचीनी का सैंपल लिया था। इसके बाद एक सैंपल को फूड एनालिस्ट की रिपोर्ट के लिए कंडाघाट भेजा गया। जिसकी रिपोर्ट 21 जून 2013 को आई।
दूसरे सैंपल की रिपोर्ट 23 जनवरी 2014 को खाद्य पदार्थ प्रयोगशाला गाजियाबाद से भी आई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा ने 31 अगस्त 2015 को प्रार्थी के खिलाफ मामला चलाने की स्वीकृति दी थी। 27 अप्रैल 2016 को प्रार्थी के खिलाफ शिकायत दायर की गई। जबकि अधिनियम के प्रावधानों के तहत अपराध करने के एक वर्ष के भीतर ही मामला चलाया जा सकता था।