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हाईकोर्ट के आदेश, बढ़ा शुल्क देने को मजबूर न करे निजी स्कूल

Tue, 26 Jul 2016 09:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 26 Jul 2016 09:50 AM IST
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HP High Court Order on DAV Sentenery Public School fee issue.
हिमाचल हाईकोर्ट

हिमाचल हाईकोर्ट ने डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल चौपाल के प्रधानाचार्य को आदेश दिए हैं कि वह अभिभावकों को बढे़ हुए शुल्क का भुगतान करने के लिए मजबूर न करें।

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कोर्ट ने प्रदेश के शिक्षा सचिव सहित मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार के सचिव और सीबीएसई को नोटिस जारी कर मामले में अपना पक्ष छह सप्ताह में कोर्ट के समक्ष रखने के आदेश भी दिए।
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मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने मदन सरेगटा व श्याम लाल ब्राक्टा द्वारा डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल चौपाल के खिलाफ बिल्डिंग फंड, विकास फंड डोनेशन जैसे नाम पर लिए जा रहे शुल्क पर रोक की मांग करने वाली याचिका में यह आदेश पारित किए।
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प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि स्कूल छोड़ने के प्रमाण पत्र जारी करने के लिए भी शुल्क वसूला जा रहा है। परीक्षा केंद्र के लिए पंजीकरण के नाम पर 5000 रुपये 10वीं कक्षा के छात्रों से और 1000 रुपये बाकी हर कक्षा के छात्रों से वसूला जा रहा है।


वर्तमान में मध्य शैक्षणिक सत्र में अचानक 27 प्रतिशत फीस की वृद्धि कर स्कूल प्रबंधन छात्रों के माता-पिता को बढ़ा हुआ शुल्क अदा करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। धमकी दी जा रही है कि यदि बढ़ा हुआ शुल्क नहीं दिया तो उनके बच्चों को स्कूल से निकाल दिया जाएगा। मामले पर सुनवाई 19 सितंबर को निर्धारित की गई है।

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