कांग्रेस अध्यक्ष सुक्खू के मानहानि केस में पांच लोगों को नोटिस जारी
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हिमाचल हाईकोर्ट ने राज्य कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से दायर मानहानि मुकदमे में हमीरपुर जिला के नादौन की भदरोल पंचायत निवासी निशु ठाकुर और ईशा ठाकुर सहित पांच को नोटिस जारी किया है।
याचिकाकर्ता सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया है कि प्रतिवादी भाई-बहनों ने उनके खिलाफ झूठे और तथ्यहीन आरोप लगाकर उनकी स्वच्छ छवि दागदार करने की कोशिश की है।
प्रतिवादियों ने 19 सितंबर 2016 को हमीरपुर जिला में हमीर होटल में पत्रकार वार्ता बुलाकर आरोप लगाए थे कि सुखविंद्र सिंह की जमीन पर अवैध खनन हो रहा है और उसने गैर कानूनी तरीके से जमीन खरीद रखी है।
प्रतिवादियों का आरोप है कि सुखविंद्र सिंह सुक्खू और स्टोन क्रशर मालिक की मिलीभगत से अवैध खनन हो रहा है। अवैध जरिया जमीन को जिस तरीके से खरीदा गया है, उसका नियमों के तहत व्यापारिक फायदे के लिए प्रयोग नहीं किया जा सकता है।
सुक्खू ने याचिका में दी हैं ये दलीलें
सुक्खू ने याचिका में कहा है कि प्रतिवादी की ओर से लगाए गए आरोप झूठे हैं। उनके अनुसार प्रतिवादी इस बात से भली-भांति अवगत थे कि आरोप निराधार है। फिर भी उनकी छवि को दागदार करने के लिए प्रतिवादियों की ओर से प्रेस वार्ता बुलाई गई थी।
सुक्खू ने यह भी आरोप लगाया है कि जमीन को उनके भाई ने नियम अनुसार खरीदा था और जमीन का कुछ हिस्सा कानूनी प्रक्रिया के तहत खरीदा गया था और इस जमीन को चुनाव के दौरान हलफनामे में भी दर्शाया गया था।
सुक्खू के अनुसार उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि न तो उनकी और न ही उनके भाई की भूमि पर अवैध खनन हो रहा है। प्रतिवादी भी इस तथ्य को जानते थे, लेकिन उनके राजनीतिक विरोधियों से मिलकर उनके राजनीति जीवन को कलंकित करने के लिए झूठे आरोप लगाए।
प्रतिवादी जानते थे कि उनके पास आरोपों के पुख्ता सबूत नहीं हैं। फिर भी वे बाज नहीं आए और आरोपों को बार-बार दोहराया। उन्होंने भाई-बहन को कानूनी नोटिस जारी कर माफी मांगने का मौका भी दिया।
इसके बावजूद उन्होंने और संगीन आरोप लगाना शुरू कर दिए। इस पर उन्होंने 50 लाख रुपये के हर्जाने का मानहानि का दावा हाईकोर्ट में दायर किया है। मामले की अगली सुनवाई 26 मई को होगी।