फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   HP High Court: Make recruitment rules for Junior Office Assistant Librarian in six months

HP High Court: जूनियर ऑफिस असिस्टेंट लाइब्रेरियन के लिए छह माह में बनाएं भर्ती नियम

Tue, 16 May 2023 08:48 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 16 May 2023 08:48 PM IST
सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग में नए कैडर जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जेओए) लाइब्रेरियन के 2,000 पदों को न भरने पर कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि छह महीनों के भीतर इन पदों के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियम बनाए।

विज्ञापन
HP High Court: Make recruitment rules for Junior Office Assistant Librarian in six months
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग में नए कैडर जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जेओए) लाइब्रेरियन के 2,000 पदों को न भरने पर कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि छह महीनों के भीतर इन पदों के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियम बनाए। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश वीरेंदर सिंह की खंडपीठ ने अपने आदेशों की अनुपालना 20 नवंबर 2023 तक तलब की है। अदालत को बताया गया कि शिक्षा विभाग में पहले इन पदों को असिस्टेंट लाइब्रेरियन के नाम से जाना जाता था। अब इनके स्थान पर जेओए लाइब्रेरियन के नाम का नया कैडर बनाया गया है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जेओए लाइब्रेरियन के लगभग 2,000 पद खाली पड़े हैं। जनहित में दायर याचिका का निपटारा करते हुए अदालत ने यह आदेश पारित किए हैं। तत्तापानी निवासी प्रताप सिंह ठाकुर की ओर से मुख्य न्यायाधीश के नाम लिखे पत्र पर अदालत ने संज्ञान लिया था। पत्र के माध्यम से आरोप लगाया गया था कि सरकारी स्कूलों में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट और लाइब्रेरियन के 2000 से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। सरकारी स्कूलों में इन पदों के खाली रहते बच्चे निजी स्कूलों की तरफ रुख कर रहे हैं। यह भी आरोप लगाया गया था कि गरीब लोग निजी स्कूलों की फीस नहीं दे पाते और सरकारी स्कूलों में पुस्तकालय न होने की वजह से बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं में फेल हो जाते हैं।

विज्ञापन



परवाणू-शिमला हाईवे पर होटलों में नियमों की धज्जियां उड़ाने पर हाईकोर्ट सख्त
वहीं, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हाईवे पर होटलों में नियमों की धज्जियां उड़ाने पर कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने हुड़दंगियों पर पैनी नजर रखने के लिए एसपी सोलन को उचित पुलिस बल तैनात करने के आदेश दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश वीरेंदर सिंह की खंडपीठ ने एसपी को जाबली के आसपास पुलिस चौकी खोलने की संभावना तलाशने के आदेश दिए हैं। मामले की सुनवाई के दौरान एसपी सोलन ने रिपोर्ट के माध्यम से अदालत को बताया कि होटल वाले ध्वनि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। लोग भी सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीते मिल जाते हैं। अदालत ने एसपी सोलन को आदेश दिए कि वह हर माह की 15 तारीख तक अपनी रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष पेश करें। बता दें कि अदालत ने तहसील कसौली की ग्राम सुधार सभा कोटी की ओर से मुख्य न्यायाधीश के नाम लिखे पत्र पर संज्ञान लिया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि परवाणू के समीप होटल वाले नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। होटल कोटी, बॉलीवुड, सेवन हिल्ज और पेट पूजा महल में खुले में नशीले पदार्थों को परोसा जा रहा है। इसमें शराब, बीयर और हुक्का का सेवन खुले में किया जाता है। इसके अलावा रात के 12 से 2 बजे तक पटाखे फोड़े जाते हैं। तेज आवाज से डीजे बजाया जाता है। पत्र के माध्यम से अदालत को बताया गया कि 8 अगस्त 2022 को इस बारे में उपायुक्त सोलन को शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। 21 फरवरी 2023 को ग्राम सुधार सभा कोटी के सदस्य अतिरिक्त उपायुक्त सोलन से मिले। उसके बाद 28 फरवरी 2023 को परवाणू पुलिस ने प्रधान को पुलिस स्टेशन बुलाया और होटल वालों से समझौता करवाया। एक महीने के बाद 6 अप्रैल 2023 को प्रधान के घर की छत पर तीन-चार बीयर की बोतलें फेंकी गईं। सभा ने अदालत से गुहार लगाई है कि दोषी होटल वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

विज्ञापन

शिमला के कसुम्पटी में अवैध भवन निर्माण को तुरंत गिराने के आदेश

प्रदेश हाईकोर्ट ने नियमों के विपरीत निर्माण किए जाने को गंभीरता से लिया है। अदालत ने शिमला के कसुम्पटी में अवैध भवन निर्माण को तुरंत गिराने के आदेश दिए हैं। अदालत ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण गिराने का पूरा खर्चा दोषी से वसूला जाए। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश वीरेंदर सिंह की खंडपीठ ने इस मामले में जिला प्रशासन को उचित सहायता मुहैया करवाने का जिम्मा सौंपा है। अदालत ने अपने आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट 22 मई को तलब की है।

उदित पंवर के मुख्य न्यायाधीश के नाम लिखे पत्र पर हाईकोर्ट ने जनहित में याचिका दर्ज की है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि कसुम्पटी निवासी पुष्कर दत्त जोशी ने सरकारी जमीन पर निर्माण किया है। आरोप लगाया गया है कि इसके लिए जोशी ने कोई स्वीकृति नहीं ली है। अदालत ने याचिका का संज्ञान लेते हुए पुष्कर दत्त जोशी को प्रतिवादी बनाया था। प्रतिवादी पुष्कर जोशी ने 4 अक्तूबर 2021 को अदालत के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई थी। अदालत ने उन्हें अपना स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए थे। इसके बाद वह अदालत में पेश नहीं हुए।

अदालत ने पाया कि प्रतिवादी पुष्कर जोशी निर्धारित तिथियों पर पेश नहीं हुए। नगर निगम शिमला की ओर से अदालत को बताया गया कि प्रतिवादी जोशी ने नोटिस के बावजूद भी अवैध निर्माण को बंद नहीं किया है। बल्कि, उसने अतिरिक्त अवैध निर्माण कर दिया है। अदालत ने अपने आदेशों में कहा कि प्रतिवादी पुष्कर जोशी कानून के प्रति कोई सम्मान नहीं रखता है। अदालत ने पाया कि प्रतिवादी जोशी जानबूझ कर अदालत में पेश नहीं हो रहा है। अदालत ने प्रतिवादी जोशी को अड़ियल रवैया देखते हुए यह आदेश पारित किए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed