आज हाईकोर्ट में पेश होगी छोटे किसानों के कब्जे रेगुलर करने की पॉलिसी
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प्रदेश की हजारों बीघा वन और सरकारी भूमि पर कब्जा किए बैठे किसानों-बागवानों के लिए तैयार पॉलिसी को सरकार मंगलवार को हाईकोर्ट में पेश करेगी। इसके तहत पांच बीघा तक जमीन उन कब्जाधारकों के नाम करने की तैयारी है, जिनके पास कुल 10 बीघा से कम भूमि है।
सरकार ने ऐसे लोगों से नाममात्र की राशि लेने का प्रस्ताव तैयार किया है। हाल में हुई कैबिनेट बैठक में पॉलिसी पर चर्चा के बाद इसे हाईकोर्ट में पेश करने की मंजूरी दी गई थी। अब देखना यह है कि हाईकोर्ट अपने पॉलिसी न लाने के आदेश के बावजूद राज्य सरकार की योजना को स्वीकार करता है या नहीं।
दरअसल, हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान सरकार को इस संबंध में किसी भी तरह की पॉलिसी न लाने के निर्देश दिए थे। मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व और पीसीसीएफ को खुद 28 फरवरी को कोर्ट में पेश होकर आदेश की अनुपालना की स्टेटस रिपोर्ट सौंपने को कहा था। हाईकोर्ट के आदेश से इतर सरकार ने कब्जाधारकों के खिलाफ कार्रवाई की बजाय स्कीम पर ज्यादा जोर रखा।
आसान नहीं वन भूमि बांटने की राहत
पॉलिसी को अगर हाईकोर्ट मंजूर भी करे तो भी सरकार के लिए सरकारी वन भूमि को रेवड़ी की तरह बांटना आसान नहीं होगा। दरअसल, प्रदेश सरकार वन भूमि की महज केयर टेकर के रूप में जिम्मेदारी संभालती है, जबकि इसका मालिकाना हक केंद्र सरकार के पास होता है। ऐसे में राज्य सरकार को केंद्र सरकार से इसके लिए मंजूरी लेनी होगी, जिसकी संभावना न के बराबर है।
टीसीपी संशोधन के बाद कब्जाधारकों की बढ़ी उम्मीद
चुनावी साल में सरकार ने जिस तरह टीसीपी संशोधन विधेयक लाकर हजारों भवन मालिकों को राहत पहुंचाने का काम किया। उसके बाद अब वन और सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले हजारों कब्जाधारकों को भी सरकार से खासी उम्मीद है।
दरअसल, हाईकोर्ट की सख्ती के बावजूद सरकार ऐसी स्कीम ला रही है जो अगर लागू हुई तो कुछ ही रुपये चुकाकर लोग पांच बीघा तक जमीन अपने नाम करा सकेंगे।