अब इन देवताओं को भी नजराना देगी सरकार
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अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में पहुंचे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार माफीदार की तर्ज पर गैर माफीदार देवी-देवताओं को भी नजराना राशि देगी। देवसदन कुल्लू में देवी-देवता कारदार संघ की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए प्रदेश सरकार योजना बना रही है।
राशि मुहैया करवाने के लिए सरकार ने शर्तें भी रखी हैं। इसके तहत 20-25 वर्षों से स्थायी मंदिर, भंडार तथा पूजा-पाठ के साथ देवता के नाम से कार्यक्रम भी होने जरूरी हैं। उधर, सीएम ने पैसा बटोरने के नाम पर देवताओं को लेकर सड़कों पर उतरने वाले फर्जी कार कारिंदों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं ताकि देव समाज की प्रतिष्ठा को ठेस न पहुंचे।
ये हैं माफीदार और गैर माफीदार देवता
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने देव समाज सहित प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसे लोगों पर नजर रखें। यदि गैर पंजीकृत लोग देवता के साथ बाजार की परिक्रमा करते मिले तो उन पर कड़ी कार्रवाई होगी।
माफीदार और गैर माफीदार देवता
माफीदार देवी-देवता संपत्ति और भूमि के मालिक होते हैं। इनका हारियान क्षेत्र बहुत बड़ा होता है। दशहरा उत्सव में इन्हें सरकार की ओर से तय नजराना मिलता है। गैर माफीदार देवी-देवताओं का हारियान क्षेत्र तो होता है, लेकिन इनके नाम भूमि नहीं होती है।
यह माफीदार देवी-देवताओं के साथ चलते हैं। इन्हें अभी नजराना नहीं मिलता है। देवताओं को 5 हजार से लेकर 30 हजार तक नजराना मिलता है। इसके अलावा 3 से 5 हजार तक दूरी भत्ता भी मिलता है।