Himachal: मल्टी टास्क वर्करों के मानदेय में होगी 500 रुपये की बढ़ोतरी, सीएम ने विधानसभा में की घोषणा
लोक निर्माण विभाग में नियुक्त मल्टी टास्क वर्करों के मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह श्रेणी मुख्यमंत्री के बजट भाषण में छूट गई थी।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने लोक निर्माण विभाग में नियुक्त 4,800 मल्टी टास्क वर्करों के मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की है। सुक्खू ने कहा कि सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही परीक्षा में उत्तीर्ण जेओए-आईटी को नियुक्ति दी जाएगी। वह पीजी के बाद अनुबंध पर नियुक्त होने वाले डॉक्टरों के मानदेय को 33 से 40 हजार करने की घोषणा करते हैं।
विपक्ष ने सदन से किया वाकआउट
बजट पर चर्चा के समापन पर सुक्खू ने कहा कि विपक्ष ने आपदा में भी राजनीति की और विधानसभा सत्र बुलाने की बात करता रहा। सीएम के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसएमसी शिक्षकों की समस्या का समाधान के लिए कैबिनेट उप समिति बनाई गई है। भाजपा ने मामले को कोर्ट में उलझाया। इसे देखने में भी समय लग रहा है। सरकार ने इनके सत्ता में आने के बाद 4,900 रुपये बढ़ाए हैं। भाजपा के समय नाममात्र मानदेय बढ़ा। कंप्यूटर शिक्षकों का मामला भी 22 साल पुराना है। कैबिनेट सब कमेटी कानूनी पहलुओं पर विचार कर रही है और समाधान निकाला जाएगा।
बजट पर चर्चा 20 घंटे से ज्यादा समय तक चली
शिमला के सकुर्लर रोड को चौड़ा करने के लिए मुख्यमंत्री ने 45 करोड़ की घोषणा की। कहा कि पिछली सरकार ने एक जनवरी 2016 से नया वेतनमान दिया। 10 हजार करोड़ का एरियर वर्तमान सरकार पर छोड़ दिया। चुनावी लाभ लेने के लिए यह सब किया गया। भाजपा कहती थी कि ओल्ड पेंशन स्कीम नहीं देंगे। फिर अब झूठ कह रहे हैं कि 40 फीसदी पेंशन कम की जा रही है। बजट में कर्मचारियों के लिए एक मार्च से लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी चरणबद्ध तरीके से दी जाएगी। स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन में जानकारी दी कि बजट पर चर्चा 20 घंटे से ज्यादा समय तक चली। इसमें 27 सत्ता पक्ष और 25 विपक्ष से विधायक इसमें भाग लिए हैं।
14 महीने में भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा, इससे सरकार की नीयत स्पष्ट : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि 14 महीने में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार का आरोप सरकार पर नहीं लगा है। यह सरकार की नीयत को स्पष्ट करता है। उन्होंने कहा-हम 14 महीने के लिए नहीं, पांच साल के लिए आए हैं। राज्य को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। पूर्व सरकार के समय में खोले अटल आदर्श विद्यालयों को सरकार बंद नहीं करेगी। राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं। गुणवत्ता शिक्षा में अगर राज्य 18वें स्थान पर पहुंचा है तो इसके लिए भाजपा ही जिम्मेवार रही है। बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने गारंटी पर बात करते हुए कहा कि युवाओं को पांच लाख रोजगार देने की बात की गई है। यह कृषि, बागवानी और कई क्षेत्रों में दिया जाएगा। यूनिवर्सल कार्टन को लागू करने की भी शुरुआत हो गई है। पिछली सरकार ने शराब के ठेके बड़े ठेकेदारों को बेच दिए। सरकार नई आबकारी नीति लाई है। पिछली सरकार में 166 करोड़ रुपये के राजस्व की बढ़ोतरी हुई थी। अब एक ही साल में 400 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। सरकार ने 10 रुपये प्रति बोतल शराब पर मिल्क सेस लगाकर गाय के दूध में 13 और भैंस के दूध में 23 रुपये प्रति लीटर की रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है। सीएम ने आरोप लगाया कि धर्मपुर और सिराज में दो ही जगहों पर विकास हुआ है। पूरी सड़क में डंगों में ही करोड़ों रुपये खर्च किए गए।
सीएम ने पूछा, आपदा में केंद्र सरकार ने किस प्रकार की सहायता की
सीएम ने पूछा कि आपदा में केंद्र सरकार ने किस प्रकार की सहायता की है। यह बड़ी-बड़ी बातें करते रहे हैं। कुल्लू में मंत्रिमंडल के सभी सदस्य लोगों को आपदा से निकालने के लिए प्रयासरत रहे। आपदा पर भाजपा ने खूब राजनीति की। विधानसभा सत्र बुलाने की बात की। इस पर विपक्षी सदस्य बोले कि ऐसा नहीं हुआ है। सीएम ने कहा कि खुद जयराम ठाकुर ने इस पर बयान दिया। कुछ तो शर्म आनी चाहिए। छोटे-छोटे बच्चों ने भी आपदा राहत के लिए मदद दी।
बजट पर चर्चा के दौरान सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष में नोकझोंक
बजट पर चर्चा के दौरान सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष में खूब नोकझोंक हुई। धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि 69 नेशनल हाईवे कहां गए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय में कहा गया कि मुख्यमंत्री लोक निर्माण भवन बनेगा, उनके यहां तो यह बना नहीं है। नई राहें नई मंजिलें होंगी। यह कहां गईं। स्वदेश दर्शन योजना कहां हैं। अपने वक्त में तो इन्होंने कुछ नहीं किया। शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष सत्र बुलाए जाने की जरूरत है, जिससे प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति को सुधारने की दिशा में कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री हिमाचल आए थे तो 36 करोड़ के टेंट लगाए गए। इस पर सदन में विपक्ष के सदस्य खड़े होकर हंगामा करने लगे तो विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि वे बैठें, उन्हें वक्त दिया जाएगा। मगर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ओर से नोकझोंक शुरू हो गई। जयराम ठाकुर ने कहा कि जब सरकार प्यार की भाषा नहीं समझती तो इस तरह से बोलना होता है।
उनका खुद का इस तरह का स्वभाव नहीं है। वह यह बात समझ रहे थे कि प्रधानमंत्री आए और 36 करोड़ के टेंट लगाए। बजट पर बोलिए। यह सच्चाई नहीं है। जब राहुल गांधी आए तो सरकार को एक करोड़ रुपये की भरपाई करनी पड़ी। जितना काम पिछले पांच साल में उनके विधानसभा क्षेत्र में हुआ है, वह दस बार जीतने के बाद भी नहीं कर सकते हैं। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि चंद्रशेखर ने इस तरह की कोई बात नहीं की है कि किसी पर व्यक्तिगत प्रहार किया हो। मंडी से पहली बार विधायक जीतकर आए हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 52 साल के इतिहास में धर्मपुर में पहली बार पूर्ण राज्यत्व दिवस मनाया गया। पूर्व मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि वह शांत स्वभाव के हैं। अगर यह शांत स्वभाव है तो गुस्सा क्या है। दिल में लगाने की जरूरत नहीं है। नेता प्रतिपक्ष का दिल बड़ा है।