शिक्षकों की मांगें पूरी करने के लिए हरकत में आई सरकार
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हिमाचल में हजारों शिक्षकों की मांगों पर गंभीरता दिखाते हुए वीरभद्र सरकार हरकत में आ गई है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्राध्यापकों की मांगों को पूरा करने के लिए कमेटी गठित करने की घोषणा की है। कहा कि मुख्यमंत्री ऑफिस की देखरेख में कमेटी काम करेगी। सभी मांगों को एक साथ पूरा करना मुश्किल है। समयबद्ध तरीके से हर मांग पूरी की जाएगी।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने हिमाचल राजकीय प्राध्यापक संघ की ओर से यूजीसी के सहयोग से उच्च शिक्षा के सन्मुख मुद्दे और चुनौतियां विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने लिए वचनबद्ध है। प्रारंभिक तौर पर प्रत्येक महाविद्यालय को पांच करोड़ का प्रावधान किया है।
छात्रों के अनुसार मिलेंगे टीचर
शिक्षण संस्थानों में अध्यापकों की संख्या विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप सुनिश्चित बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने संघ की स्मारिका का विमोचन भी किया। प्राध्यापक संघ ने राहत कोष के लिए एक लाख रुपये का चेक भेंट किया।
शिक्षा नीति में संघ का एजेंडा मंजूर नहीं होगा
वहीं, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एजेंडा लागू किया गया तो हिमाचल सरकार इसका विरोध करेगी। संघ के एजेंडे के पाठ्यक्रम को राज्यों में लागू करना स्थानीय सरकारों का अधिकार क्षेत्र है।
शुक्रवार को राज्य अतिथि गृह पीटरहाफ में आयोजित हिमाचल राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा प्रणाली रूसा (राष्ट्रीय उच्चतम शिक्षा प्रणाली) को अभी सही से कोई भी नहीं समझ पाया है। इसे लेकर खूब हो हल्ला मचा हुआ है। धीरे-धीरे इसकी जटिलता दूर होगी। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय और कॉलेजों में रूसा को सफलतापूर्वक चलाने के लिए प्राध्यापकों को बधाई भी दी।