शॉपिंग करने पर अब ग्राहक को बताना होगा अपना आधार नंबर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपने प्रदेश से बाहर जाकर 50 हजार रुपये से ज्यादा की खरीदारी करने पर हर ग्राहक को सामान बेचने वाले दुकानदार को अपना आधार नंबर बताना होगा। ग्राहक किसी भी राज्य में जाकर खरीदारी करे, उसके सामान पर लगने वाला टैक्स अपने आप ग्राहक के मूल राज्य को मिल जाएगा।
हिमाचल सरकार ने अपने जैसे उपभोक्ता प्रधान राज्यों के हित को ध्यान में रखते हुए जीएसटी लागू करने वाली कमेटी को यह सिफारिश की है। टैक्स और सामान के दामों में अंतर के चलते हिमाचल के बड़ी संख्या में लोग दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़ तथा हरियाणा से सामान खरीदकर लाते हैं।
वर्तमान में अगर वे सामान की बिक्री हिमाचल में करते हैं तो टैक्स मिल जाता है, लेकिन घरेलू इस्तेमाल का सामान लाने पर वे टैक्स उस राज्य को मिल जाता है। जीएसटी लागू होने पर भी अगर यही व्यवस्था रहती है तो हिमाचल जैसे कंज्यूमर स्टेट को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
राज्यों को होगा फायदा, बिलिंग के दौरान बताना पड़ेगा आधार नंबर
इसी समस्या को देखते हुए प्रदेश ने हाल ही में हुई जीएसटी इंप्लीमेंटेशन कमेटी की बैठक में इस पर सभी राज्यों का ध्यान खींचा था। प्रदेश के प्रधान सचिव आबकारी एवं कराधान तरुण कपूर ने कहा कि इसी समस्या से निपटने को यह सिफारिश की गई थी कि बिलिंग के दौरान आधार नंबर को भी दर्ज करने की व्यवस्था की जाए।
इससे मूल राज्य का निवासी दूसरे राज्य में जाकर अगर 50 हजार से ज्यादा के सामान की खरीद करता है तो उसके द्वारा चुकाया गया टैक्स खरीददार के मूल राज्य के हिस्से में आ जाएगा। कपूर ने बताया कि फिलहाल जीएसटी लागू करने को लेकर राज्य अपनी समस्याएं व सुझाव दे रहे हैं। अगर इस सुझाव को कमेटी मान लेती है तो इससे हिमाचल जैसे उपभोक्ता राज्यों को खासा फायदा मिल सकता है।