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सरकार ने वापस बुलाए डेपुटेशन पर गए अफसर
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 13 Nov 2014 02:17 PM IST
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राजस्व विभाग में डेपुटेशन पर गए अधिकारियों (पटवारी और कानूनगो) को बुलाने की तैयारी है। सैकड़ों अधिकारी ऐसे हैं, जो राजस्व से दूसरे विभागों में डेपुटेशन पर गए हैं। इन्हें दूसरे विभागों में सेवाएं देते हुए करीब 8 से 9 साल हो गए हैं। राजस्व विभाग में कर्मचारियों की कमी है।
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विभाग ने इन्हें बुलाने की कसरत शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक राजस्व विभाग से पटवारी, कानूनगो और तहसीलदार लोक निर्माण विभाग, आईपीएच, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग, बिजली बोर्ड, शहरी विकास विभाग, पंचायतीराज आदि विभागों में सेवाएं दे रहे हैं।
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इन्हें दूसरे विभागों में तीन साल के लिए डेपुटेशन पर भेजा गया था, लेकिन अभी तक ये वापस नहीं लौटे हैं। दूसरे विभागों में काम कम होने के कारण भी ये नहीं आना चाहते। प्रदेश में चल रहे प्रोजेक्टों में भी पटवारियों, कानूनगो और नायब तहसीलदारों को डेपुटेशन पर भेजा गया है।
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इन्हें भी तीन साल और इससे अधिक समय हो गया है। सूत्रों का कहना है कि प्रोजेक्टों में काम कर रहे इन अधिकारियों की मासिक तनख्वाह ज्यादा है और भत्ते भी ज्यादा मिल रहे हैं। इसके चलते ये अधिकारी नहीं आना चाहते।
इसलिए लिया फैसला
वर्तमान में प्रदेश में करीब 700 पद खाली चल रहे हैं। एक कानूनगो के पास 7 से 8 वृत्त का कार्यभार सौंपा गया है जबकि पटवारियों को भी चार-चार सर्कल दिए गए हैं।
कई विभाग में ऐसे पटवारी और कानूनगो की डेपुटेशन पर तैनाती हुई है जहां काम नहीं है। ऐसे कानूनगो और पटवारियों को बुलाया गया है। कई पटवारी और कानूनगो वापस आ गए हैं।
- तरुण श्रीधर, प्रधान सचिव राजस्व
191 हेडमास्टर बनेंगे प्रिंसिपल
शिमला। प्रदेश सरकार शीघ्र ही स्कूल हेडमास्टरों को पदोन्नति का तोहफा देने जा रही है। शिक्षा विभाग ने सभी जिला उप निदेशकों से 119 हेडमास्टरों की एसीआर मुख्यालय भेजने के निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश भर में 320 से अधिक स्कूलों में प्रिंसिपलों के पद खाली पड़े हैं। इतने ही हेडमास्टर और लेक्चरर एक साल से भी अधिक समय से पदोन्नति के लिए विभाग के चक्कर काट रहे हैं।
हेडमास्टर एसोसिएशन भी कई बार मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिलकर पदोन्नति की मांग कर चुके हैं। अब विभाग ने पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करते हुए फिलहाल 119 हेडमास्टरों की एसीआर मांगी है। इसके लिए विभाग में फार्मेट भी जारी कर दिया है। जिसे भर कर संबंधित हेडमास्टर और उप निदेशकों को भरकर मुख्यालय प्रेषित करने हैं।