शिक्षा विभाग में तबादलों पर लगी रोक, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
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हिमाचल सरकार ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा विभाग में रूटीन तबादलों पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। प्रतिबंध के बावजूद तबादलों के मामले सरकार को भेजे गए तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य सचिव ने अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा को पत्र भेजकर इस बारे में कड़ी फटकार लगाई है। मुख्य सचिव की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा को भेजे गए पत्र में शिक्षा विभाग में तबादलों एवं तैनातियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
इस पत्र के मुताबिक सरकार के ध्यान में आया है कि शिक्षा विभाग में अभी भी रूटीन मैनर में कर्मचारियों के स्थानांतरण प्रस्ताव प्राप्त किए जा रहे हैं, जो निर्देशों का उल्लंघन है और सरकार ने इसे गंभीरतापूर्वक लिया है।
खराब रिजल्ट वालों का क्या होगा?
सरकार के निर्देशों की पालना करते हुए केवल अपरिहार्य परिस्थितियों और प्रशासनिक कारणों से जुड़े स्थानांतरण एवं तैनाती प्रस्तावों की प्रक्रिया प्रशासनिक विभाग और मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति से क्रियान्वित की जाएगी। इन निर्देशों की अनुपालना की जानी चाहिए।
उल्लंघन की स्थिति में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मुख्य सचिव के हवाले से ये पत्र अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्मिक तरुण श्रीधर ने अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान को भेजा है।
खराब रिजल्ट वालों का क्या होगा?
शिक्षा विभाग में तबादलों पर रोक लगाने के फैसले से दसवीं और जमा दो कक्षा के वार्षिक परीक्षा परिणामों में 25 प्रतिशत से कम रिजल्ट देने वाले शिक्षकों के तबादले को लेकर संशय खड़ा हो गया है। सरकार ने खराब परिणाम देने वाले शिक्षकों के तबादले करने का बीते दिनों आदेश दिया था।
अब तबादलों पर रोक लगने से सरकार के पुराने आदेशों का क्या होगा? इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है। इसके अलावा पहली से आठवीं कक्षा वाले स्कूलों में चल रहे युक्तिकरण की प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है।