आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट: हिमाचल में इतनी हुई प्रतिव्यक्ति आय, विकास दर गिरी
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सरकार ने विधानसभा में वर्ष 2017-18 की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की। हिमाचलियों की आमदनी में तो इजाफा हो रहा है, लेकिन प्रदेश की विकास दर लगातार गिरती जा रही है। विकास दर घटकर राष्ट्रीय औसत से भी कम हो गई है।
पिछले तीन साल से विकास दर में लगातार गिरावट से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी चिंतित हैं। हालांकि जयराम ठाकुर ने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट को प्रस्तुत करते हुए यह भी जानकारी दी कि प्रदेश में विकास दर में गिरावट के बावजूद प्रति व्यक्ति आय वित्त वर्ष 2017-18 में 1,58,462 रुपये तक पहुंच गई है, जो कि
2016-17 में 1,46,294 रुपये थी। प्राथमिक क्षेत्र कृषि एवं पशुपालन, वन, मत्स्य और खनन तथा उत्खनन में सकल घरेलू की विकास दर नकारात्मक 0.7 प्रतिशत रही, जबकि अकेले कृषि क्षेत्र में नकारात्मक 5.3 प्रतिशत की गिरावट का असर सकल घरेलू उत्पाद पर पड़ा है।
आर्थिक सर्वेक्षण को रखते हुए सीएम ने पेश किए ये आंकड़े
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वीरवार को आर्थिक सर्वेक्षण को सदन के पटल पर रखते हुए कई आंकड़े पेश किए। ठाकुर ने जानकारी दी कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय ने वर्ष 2015-16 की तुलना में 9.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाते हुए वर्ष 2016-17 में 1,46,294 रुपये के स्तर को छू लिया।
अब वर्ष 2017-18 में इसके 1,58,462 रुपये होने का अनुमान है। उन्होंने जानकारी दी कि चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य की अर्थव्यवस्था की विकास दर के 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
यह विकास दर पिछले तीन वर्षों की विकास दर से कम आंकी गई है, जो कि राष्ट्रीय विकास दर से भी कम हो गई है। भारत में पिछले तीन वर्षों में वृद्धि दर सकारात्मक रही। भारत में वर्ष 2016-17 मेें अर्थव्यवस्था में वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रही है, जिसके
जीडीपी 1,35,914 करोड़ रुपये होने की संभावना
वर्ष 2017-18 में कम होकर 6.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। हिमाचल की विकास या वृद्धि दर की बात करें तो यह वर्ष 2015-16 में 8.1, 2016-17 में 6.9 प्रतिशत और 2017-18 में 6.3 प्रतिशत तक गिरावट के साथ पहुंच गई।
वर्ष 2016-17 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वर्ष 2015-16 के 1,13,355 करोड़ से बढ़कर 1,24,236 करोड़ रुपये पहुंच गया। आगामी अनुमानों के अनुसार वर्ष 2017-18 में राज्य का जीडीपी 1,35,914 करोड़ रुपये होने की संभावना है।