कांग्रेस अध्यक्ष सुक्खू के खिलाफ उनकी ही सरकार कराएगी जांच
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हिमाचल कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू की 763 कनाल जमीन खरीद में अनियमितता और चुनाव हलफनामे में जानकारी न देने के आरोपों की जांच उनकी अपनी ही सरकार कराएगी।
शुक्रवार को हमीरपुर में कांग्रेस नेता राजेंद्र जार के बेटे की शादी में पहुंचे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जांच में पता चल जाएगा कि जमीन खरीद में नियमों की अवहेलना हुई है या नहीं। सच सबके सामने आ जाएगा।
सुक्खू के खिलाफ नादौन के भाई-बहन ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत के पास शिकायत की है। विपक्ष भी लगातार जमीन खरीद में नियमों की अवहेलना करने और चुनाव हलफनामे में जमीन का जिक्र न करने के आरोप लगाकर प्रदेश कांग्रेस सरकार को घेर रहा है।
विपक्ष लगातार उठा रहा मामला, हरकत में आई सरकार
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और नाहन से भाजपा विधायक राजीव बिंदल, पूर्व मंत्री एवं हमीरपुर जिला भाजपा प्रभारी प्रवीण शर्मा ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर सुखविंद्र सुक्खू पर 763 कनाल गैर मुमकिन दरिया भूमि खरीदने और चुनाव हलफनामे में इसका जिक्र न करने का आरोप लगा कर सरकार से मामले की न्यायिक जांच मांगी थी। विपक्ष की मांग के बाद अब सीएम ने सुक्खू पर लगे तमाम आरोपों की जांच कराने की बात कही है।
सरकार सीबीआई से करवा सकती है जांच : सुक्खू
मेरे खिलाफ लगे आरोपों की जांच करवाने के फैसले का मैं स्वागत करता हूं। सरकार ईडी, सीबीआई या किसी भी एजेंसी से जांच करवा सकती है। सच्चाई सबके सामने आनी चाहिए।- सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
हाल ही में शांत हुआ है सरकार-संगठन में घमासान
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने संगठन में 60 से ज्यादा सचिवों की नियुक्तियां की थीं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के विधानसभा क्षेत्र में भी तीन सचिवों की तैनाती की गई, लेकिन उनको विश्वास में नहीं लिया गया।
इसकी जानकारी सीएम को मिली तो उन्होंने इन नियुक्तिों पर आपत्ति जताई। इसी बीच दो सचिवों ने इस्तीफा दे दिया जबकि कइयों ने इस्तीफे की पेशकश कर दी। मामले के तूल पकड़ने के बाद सुक्खू के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मुलाकात के बाद यह विवाद शांत हुआ था।