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हिमाचल के प्ले स्कूलों के लिए बन रहा सख्त कानून, होंगे ब्लैक लिस्ट

Fri, 31 Mar 2017 09:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 31 Mar 2017 09:58 AM IST
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HP Govt New Bill over Play Schools in Himachal.
- फोटो : Demo Pic

बच्चों की सही देखरेख नहीं करने पर अब प्ले स्कूलों को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की देखरेख के लिए वीरवार को प्रदेश विधानसभा में एक विधेयक रखा गया। इसे शुक्रवार को पारित किया जाएगा।

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हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख और शिक्षा केंद्र पंजीकरण विधेयक 2017 में प्रावधान किया गया है कि छह वर्ष से कम आयु के सभी बालकों की देखरेख के लिए सभी केंद्रों के रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन हर साल अगस्त से अक्तूबर तक निर्धारित प्रारूप पर देने होंगे।
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यह ऑनलाइन मंजूर किए जाएंगे। आवेदन करने के लिए समय पर निरीक्षण समिति प्रस्ताव का मूल्यांकन करेगी और उसके बाद अपनी रिपोर्ट ऐसी प्रक्त्रिस्या के अनुसार देगी, जो कानूनीसंगत हो। निदेशक को रजिस्ट्री करने के लिए भेजा जाएगा।
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परीक्षा समिति की रिपोर्ट पर निदेशालय स्तर पर विचार किया जाएगा। किसी केंद्र के रजिस्ट्रीकरण से इंकार करने या प्रमाणपत्र के नवीकरण से इंकार करने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि केंद्र की अनुपयोगिता को लोक सूचना के माध्यम से केंद्र के परिसरों में और जन साधारण बालकों के माता-पिता रक्षकों की सूचना के लिए प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया जाए।

सभी संस्थानों को अपनी फीस का विवरण सरकार से साझा करना होगा। बच्चों से कोई भेदभाव नहीं किया जा सकेगा। कानून को नहीं मानने वाले संस्थान को ब्लैक लिस्ट में डाला जा सकता है। 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

विधेयक के मुताबिक तीन साल के लिए पंजीकरण किया जाएगा। इसमें छह महीने का आवेदन का समय भी शामिल किया है। राज्य सरकार की ओर से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. कर्नल धनीराम शांडिल ने यह विधेयक सदन में पेश किया।


अब सरकारी मामलों में जमा नहीं होगी फीस
हिमाचल सरकार के मामलों की फीस अब न्यायालय में जमा करवाने की जरूरत नहीं रहेगी। राज्य सरकार ने राज्य न्यायालय फीस संशोधन अधिनियम 2017 सदन में कौल सिंह ठाकुर ने पेश किया। इसमें बताया कि सरकार की ओर से जमा पैसा शाम को सरकारी ट्रेजरी में ही आता है, इसलिए इसमें संशोधन किया जाए।

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