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कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम पर बड़ा फैसला लेने की तैयारी में सरकार
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Updated Wed, 18 Apr 2018 02:04 PM IST
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प्रदेश सरकार कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम पर बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है। प्रदेश के कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम को खत्म कर वार्षिक परीक्षा के पुराने पैट्रन पर लौटने की तैयारी शुरू हो गई है।
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मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेशानुसार शिक्षा विभाग ने वार्षिक परीक्षा शुरू करने के लिए कमेटी गठित करने का काम शुरू कर दिया है। सरकार द्वारा गठित की जाने वाली कमेटी में राज्य विश्वविद्यालय और शिक्षा निदेशालय के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
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कमेटी से सेमेस्टर सिस्टम को समाप्त करने से होने वाले नुकसान-फायदे को लेकर सुझाव मांगे जाएंगे। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम की खामियों को दूर करने के लिए राय मांगी जाएगी।
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भाजपा ने अपने दृष्टि पत्र में की थी ये घोषणा
प्रदेश में नई व्यवस्था शुरू करने से रूसा के तहत केंद्र सरकार से मिलने वाली फंडिंग पर कोई असर न पड़े, इसको लेकर भी कमेटी सुझाव देगी। कमेटी की सिफारिशों को कैबिनेट में ले जाया जाएगा।
कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही प्रदेश में पुरानी व्यवस्था के तहत कॉलेजों में साल में सिर्फ एक बार परीक्षाएं होंगी। वर्तमान में सेमेस्टर सिस्टम के तहत हर छह माह बाद परीक्षाएं होती हैं।
परीक्षा परिणाम निकलने में होने वाली देरी के चलते सरकार ने पुराने पैट्रन पर लौटने का फैसला लिया है। बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने दृष्टि पत्र में सेमेस्टर सिस्टम को समाप्त करने की घोषणा की थी।
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को और अधिक सशक्त करने का भाजपा ने दावा किया था। अब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही शिक्षा विभाग ने दृष्टि पत्र में की गई घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू कर दी है।
कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही प्रदेश में पुरानी व्यवस्था के तहत कॉलेजों में साल में सिर्फ एक बार परीक्षाएं होंगी। वर्तमान में सेमेस्टर सिस्टम के तहत हर छह माह बाद परीक्षाएं होती हैं।
परीक्षा परिणाम निकलने में होने वाली देरी के चलते सरकार ने पुराने पैट्रन पर लौटने का फैसला लिया है। बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने दृष्टि पत्र में सेमेस्टर सिस्टम को समाप्त करने की घोषणा की थी।
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को और अधिक सशक्त करने का भाजपा ने दावा किया था। अब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही शिक्षा विभाग ने दृष्टि पत्र में की गई घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू कर दी है।