{"_id":"3c340e51218ff2b249f547f0bc729192","slug":"hp-govt-did-not-made-policy-for-computer-teachers","type":"story","status":"publish","title_hn":"पॉलिसी बनाई नहीं, नए टीचर रख लिए ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पॉलिसी बनाई नहीं, नए टीचर रख लिए
रविंद्र अग्रवाल/अमर उजाला, चंबा
Updated Sun, 01 Jun 2014 10:02 PM IST
विज्ञापन
प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग की उदासीनता के चलते स्कूलों में कंपनी के माध्यम से रखे गए 1535 कंप्यूटर शिक्षकों का भविष्य खतरे में है।
विज्ञापन
सरकार से बार-बार पॉलिसी बनाने के आश्वासन पा रहे शिक्षकों को उस समय भारी धक्का लगा, जब सरकार ने स्कूलों में कमीशन के आधार पर चयनित 757 पीजीटी आईपी टीचरों की तैनाती के आदेश जारी कर दिए।
विज्ञापन
इनकी तैनाती भी उन्हीं स्कूलों में हो रही है, जहां पहले से ही आईटी टीचर कार्यरत थे। अब हालात ऐसे हैं कि पीजीटी आईपी टीचर तो स्कूलों में ज्वाइन कर गए हैं, मगर यहां पहले से ही तैनात आईटी टीचर बगले झांक रहे हैं।
विज्ञापन
विभाग ने कंपनी के माध्यम से सालों से कार्यरत टीचरों के भविष्य का ख्याल न रखते हुए नए टीचरों को वहीं ज्वाइनिंग दी है, जहां पहले से ही टीचर कार्यरत थे। ऐसे में सालों से सेवाएं देने के बावजूद भविष्य खतरे में पाकर कई आईटी टीचर मानसिक परेशानी में हैं।
इसके चलते अब उनके लिए भविष्य को लेकर सड़कों पर उतरने के अलावा कोई चारा नहीं दिख रहा है। हैरानी की बात है कि विभाग अभी तक यह नहीं बता पा रहा है कि पहले से तैनात शिक्षकों का क्या होगा।
कुछ आईटी टीचर तो मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से आखिरी गुहार लगाने शिमला रवाना हो गए हैं। अगर बात न बनी तो उन्हें सरकार के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा।
आईटी शिक्षकों रवि, सोनिका, अंजना, मनीष, मधु व प्रवीण ने मांग की है कि नए शिक्षकों को उन्हीं स्कूलों में तैनात किया जाए, जहां पद रिक्त चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनका वेतन इतना नहीं है कि ट्रांसफर किए जाने पर घरों से दूर गुजारा कर सकें। उन्होंने सरकार से उनके लिए जल्द नीति बनाने की मांग की है।
फोन नहीं उठाते निदेशक साहब
उच्च शिक्षा निदेशक शशिभूषण शेखड़ी से इस संबंध में बयान लेने को संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनके कार्यालय में फोन किया जाता है तो कहा जाता है साहब मीटिंग में हैं। वहीं उनका अधिकारिक मोबाइल नंबर भी बंद था।