भाजपा के दबाव में सरकार का बड़ा फैसला, अब और कम होगी फीस
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हिमाचल सरकार ने टीसीपी संशोधन विधेयक में अवैध भवनों को नियमित करने की फीस और कम कर दी है। भाजपा विधायकों के विरोध पर सरकार ने यह फीस घटाई है। इसमें सरकार ने राहत सिर्फ बिना नक्शे बनाए गए भवन मालिकों को दी है।
जिन लोगों ने नक्शा पास कराने के बाद डेविएशन की है, इनकी फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है। प्रदेश सरकार ने टीसीपी संशोधन विधेयक विधानसभा भेज दिया है। इसी सप्ताह इसे मंजूरी के लिए राज्यपाल को भेजा जाना है।
जानकारी के मुताबिक बिना नक्शा बनाए गए भवनों के लिए पहले प्रति वर्ग मीटर 1200 रुपये जबकि टीसीपी एरिया में बने भवनों के लिए 600 रुपये प्रति वर्ग मीटर फीस निर्धारित की थी। जिस दिन प्रदेश सरकार ने इस संशोधन विधेयक को सभा पटल में रखना था, उससे पहले शिमला के विधायक सुरेश भारद्वाज ने शहरी विकास मंत्री और अधिकारियों के साथ बंद कमरे में बैठक की।
अब ये होगी नई फीस
उन्होंने फीस को आधा करने की बात कही। इसके बाद शहरी विकास विभाग ने विधानसभा में ही 1200 रुपये प्रतिवर्ग मीटर फीस को 1000 रुपये जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 600 रुपये की फीस को 500 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से निर्धारित की। इसके बाद इस संशोधन विधेयक को सभा पटल में रखा गया।
हिमाचल में अवैध भवनों को नियमित कराने की फीस को और कम किया है। संशोधन विधेयक को सभा पटल में रखने से पहले इसमें कुछेक बदलाव किए गए। इसमें फीस को 200 और 100 रुपये तक कम किया है। बदलाव सिर्फ पूरी तरह से अवैध भवन के लिए किया गया है।- सुधीर शर्मा, शहरी विकास मंत्री