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अनुबंध और आउटसोर्स कर्मियों की नीति पर कल आएगा फैसला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 01 May 2017 10:51 AM IST
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हिमाचल मंत्रिमंडल की दो मई को बुलाई गई बैठक में अनुबंध और आउटसोर्स कर्मचारियों की नीति को मंजूरी मिल सकती है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हिमाचल दिवस पर कर्मचारियों के अनुबंध का सेवाकाल पांच से घटाकर तीन साल करने की घोषणा की थी।
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इस पर संशोधित नीति का प्रारूप कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। इसी तरह से आउटसोर्स कर्मियों को सरकारी सेवा में लाने की नीति पर भी चर्चा होगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रस्तावित हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसले होंगे।
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इस कैबिनेट बैठक में प्रमुख फैसला अनुबंध कर्मचारियों की नीति पर होना संभावित है। सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार उन अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने की तैयारी में है, जिनको अनुबंध पर सेवाएं देते हुए 31 मार्च 2017 को तीन साल पूरे हो गए हैं।
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ऐसे अनुबंध कर्मचारियों की संख्या हजारों में है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 10 मार्च को अपने बजट भाषण में यह घोषणा की थी कि आउटसोर्स पर नियुक्त कर्मचारियों के लिए एक माह में नीति बनाई जाए। डेढ़ महीने से ऊपर का समय बीत जाने के बावजूद प्रदेश की अफसरशाही मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप इस नीति को तैयार नहीं कर पाई है।
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए कार्मिक विभाग और वित्त विभाग ने नीति बनानी थी। इस पर भी राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कोई निर्णायक फैसला हो सकता है। प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों में रिक्तियां भरने पर भी कोई निर्णय हो सकता है।