फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   HP Assembly monsoon Session update: discussion on state financial situation in house today

HP Assembly Session: सीएम सुक्खू बोले- सभी विधानसभाओं का समान विकास सरकार की प्राथमिकता

Mon, 09 Sep 2024 05:49 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 09 Sep 2024 05:49 PM IST
सार

 मानसून सत्र के दसवें दिन की कार्यवाही सोमवार को दोपहर बाद 2:00 बजे प्रश्नकाल से शुरू हुई। पहला प्रश्न श्रीनयना देवी के भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने उठाया।

विज्ञापन
HP Assembly monsoon Session update: discussion on state financial situation in house today
हिमाचल विधानसभा शिमला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दसवें दिन की कार्यवाही सोमवार को दोपहर बाद 2:00 बजे प्रश्नकाल से शुरू हुई। पहला प्रश्न श्रीनयना देवी के भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने उठाया। रणधीर शर्मा ने कहा कि नाबार्ड के लिए विभिन्न योजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भेजने के मामले भेजने में भेदभाव हो रहा है। जो पहले आए, उसकी डीपीआर को आगे भेजा जाना चाहिए। इस प्रश्न का उत्तर सदन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने दिया। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की सभी विधानसभाओं का समान विकास सरकार की प्राथमिकता है। हर विधानसभा क्षेत्र के लिए 175 प्लस 20 यानी 195 करोड़ रुपये की सीमा तय की गई है।

विज्ञापन


इसी के तहत डीपीआर आगे भेजी जा रही हैं। नाबार्ड से सीमित कर्ज मिलता है, उसे बांटा जा रहा है। इस पर विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सदन को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्या योजना विभाग से नाबार्ड को पत्र भेजा गया है कि योजनाओं की दोबारा प्राथमिकताएं तय की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हें सारी सड़कों की सूची दे दी गई है। सुक्खू ने दोहराया कि किसी से भेदभाव करने की बात गलत है। अगर इनकी प्राथमिकता में 195 करोड़ रुपये की सीमा के तहत बजट बचता  हो तो वे इनकी प्राथमिकता भी आगे भेजी जाएगी। जहां तक नाबार्ड के लिए पत्राचार की बात है तो यह तो साल भर चला रहता है।
विज्ञापन


 नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि नाबार्ड की एक प्रक्रिया होती है, जो डीपीआर आती है, उसे आगे बढ़ाया जाता है। जहां विपक्ष के विधायक हैं, वहां डीपीआर नहीं बनाई जा रही हैं। क्या डीपीआर बनाने के काम के लिए अधिकारियों को निर्देश देंगे कि जो विधायक प्राथमिकता दी गई हैं, उनकी डीपीआर बनाई जा रही हैं। सरकाघाट में 14 और पांवटा साहिब में 10 सड़कें बनाई जा रही हैं। किसी को भी डीपीआर बनाने को कहा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

60 लाख लोग वे जो पांच साल बाद बता देते हैं कि सरकार के काम से खुश नहीं : पठानिया
 फतेहपुर के कांग्रेस विधायक भवानी सिंह पठानिया ने नियम-130 के तहत हिमाचल प्रदेश की वर्तमान वित्तीय स्थिति पर चर्चा लाते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में 75 लाख की आबादी है। एक वर्ग है, जिसने पूरे प्रदेश को चलाने में मदद करते हैं। ये सरकारी कर्मचारी हैं, इनके बूते प्रदेश को आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य की राजस्व प्राप्ति 42 हजार करोड़ रुपये हैं। 75 हजार करोड़ रुपये में से 24 हजार करोड़ रुपये हिमाचल के कर्मचारियों और पेंशनरों पर खर्च हो रहा है। 15 लाख लोगों के हिस्से में ही यह बजट जाता है। अन्य 60 लाख लोग वे हैं, जो पांच साल बाद बता देते हैं कि वे सरकार के काम से खुश हैं कि नहीं हैं। इनकी प्रतिक्रिया अलग होती है। हमें अपने संसाधन खुद सृजित करने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जो पहल शुरू की है, वह प्रदेश की अर्थव्यवस्था को ठीक करेगी। इस बार जो जनमत संग्रह मिला, वह सुक्खू के नेतृत्व के लिए था। नौ में से छह सीटें उपचुनाव में जीते, यह सरकार के खिलाफ  एंटी-इनकम्बेंसी नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed