HP Assembly Session: डीए पर सदन में हंगामा, विपक्ष का वाकआउट; सीएम बोले, आर्थिक स्थिति ठीक होते ही होगा भुगतान
प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र के चाैथे दिन गुरुवार को सदन में कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में पर जमकर हंगामा हुआ। भाजपा विधायकों ने वेल में जाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों-कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (डीए) जारी नहीं होने पर वीरवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने कांग्रेस सरकार पर गलत जानकारी देने और वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए पहले वेल में जाकर नारेबाजी की, फिर सदन से वाकआउट कर दिया। महंगाई भत्ते को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक होते ही भुगतान कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाल करने पर केंद्र ने 4,800 करोड़ रुपये की ग्रांट रोक दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ओपीएस देने के चलते अतिरिक्त कर्ज नहीं मिलेगा। उन्होंने एनपीएस या यूपीएस को लागू करने की बात कही है। सीएम ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय का सात फीसदी डीए कांग्रेस सरकार ने दिया। चुनावों से छह महीने पहले भाजपा सरकार ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू कर दिया, लेकिन 10 हजार करोड़ का एरियर पेंडिंग रखा। उस समय राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) के रूप में 10 या 11 हजार करोड़ रुपये मिलते थे।
नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हमारी सरकार से कर्मचारी नाराज थे। हमने उनके लिए बहुत कुछ किया लेकिन पुरानी पेंशन बहाल नहीं कर सके। कांग्रेस ने ओपीएस देने की बात कही और कर्मचारियों ने उसका साथ दिया। अब ओपीएस देने का वादा करने वाली सरकार महंगाई भत्ता भी जारी नहीं कर रही है। सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह कर्मचारियों की मांगें पूरी करे। जयराम ठाकुर ने कहा कि सदन में घोषणा करने के बाद भी मुख्यमंत्री ने डीए जारी नहीं किया है। यह प्रिविलेज का मामला बनता है।