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Shimla News: सफाई कर्मचारियों के लिए शहर से बाहर बनेंगे आवास
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निगम को भूमि उपलब्ध करवाने के निर्देश
जिला स्तरीय समिति की बैठक में हुई चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सफाई कर्मचारियों के लिए शहर से बाहर आवास विकसित किए जाएंगे। नगर निगम शिमला इन कर्मचारियों के लिए भूमि उपलब्ध करवाएगा ताकि उन्हें रहने की सुविधा मिल सके।
बचत भवन में शुक्रवार को हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन, प्रतिषेध एवं पुनर्वास अधिनियम 2013 के तहत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अनुपम कश्यप ने की। बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों एवं स्थानीय निकायों को सफाई कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही उनके सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और परिवारों की बेहतरी के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा। बैठक में सफाई कर्मचारियों को दिए जा रहे न्यूनतम वेतन, स्वास्थ्य जांच, सुरक्षा उपकरणों और उनके बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा की गई। नगर निगम की ओर से बताया कि उसके अधीन आउटसोर्सिंग और स्वयं सहायता समितियों के माध्यम से करीब 750 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं, जिन्हें 425 रुपये प्रतिदिन की दर से न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों को कार्य के दौरान सुरक्षा एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से आवश्यक सैनिटरी किट भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इनमें गमबूट, दस्ताने, फेस मास्क सहित अन्य सुरक्षा उपकरण शामिल हैं।शिक्षा विभाग ने बताया कि कक्षा छठी से बारहवीं तक पढ़ने वाले 87 ऐसे बच्चे हैं, जिनके माता-पिता विभिन्न संस्थानों में कूड़ा उठाने का कार्य करते हैं। इनमें से 27 बच्चों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया है। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा, संयुक्त आयुक्त नगर निगम शिमला डॉ. भुवन शर्मा और जिला कल्याण अधिकारी कपिल देव शर्मा मौजूद रहे।
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जिला स्तरीय समिति की बैठक में हुई चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सफाई कर्मचारियों के लिए शहर से बाहर आवास विकसित किए जाएंगे। नगर निगम शिमला इन कर्मचारियों के लिए भूमि उपलब्ध करवाएगा ताकि उन्हें रहने की सुविधा मिल सके।
बचत भवन में शुक्रवार को हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन, प्रतिषेध एवं पुनर्वास अधिनियम 2013 के तहत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अनुपम कश्यप ने की। बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों एवं स्थानीय निकायों को सफाई कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही उनके सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और परिवारों की बेहतरी के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा। बैठक में सफाई कर्मचारियों को दिए जा रहे न्यूनतम वेतन, स्वास्थ्य जांच, सुरक्षा उपकरणों और उनके बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा की गई। नगर निगम की ओर से बताया कि उसके अधीन आउटसोर्सिंग और स्वयं सहायता समितियों के माध्यम से करीब 750 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं, जिन्हें 425 रुपये प्रतिदिन की दर से न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों को कार्य के दौरान सुरक्षा एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से आवश्यक सैनिटरी किट भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इनमें गमबूट, दस्ताने, फेस मास्क सहित अन्य सुरक्षा उपकरण शामिल हैं।शिक्षा विभाग ने बताया कि कक्षा छठी से बारहवीं तक पढ़ने वाले 87 ऐसे बच्चे हैं, जिनके माता-पिता विभिन्न संस्थानों में कूड़ा उठाने का कार्य करते हैं। इनमें से 27 बच्चों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया है। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा, संयुक्त आयुक्त नगर निगम शिमला डॉ. भुवन शर्मा और जिला कल्याण अधिकारी कपिल देव शर्मा मौजूद रहे।
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