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सबलेट सरकारी आवास की एमसी तीसरी करा रहा मरम्मत
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महिला कर्मी पर एमसी की मेहरबानी से उठे सवाल, सरकारी आवास में कर्मी ने ठहरा रखे हैं रिश्तेदार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम में तैनात एक महिला कर्मचारी पर नगर निगम कुछ ज्यादा ही मेहरबान हो गया है। नगर निगम से मिले सरकारी आवास में महिला कर्मी ने अपने रिश्तेदार ठहरा रखे हैं। नगर निगम तीन साल के भीतर दूसरी बार इस आवास की मरम्मत करवाने जा रहा है। इस बार ढाई लाख रुपये से ज्यादा पैसा खर्च हो रहा है।
नगर निगम के बाकी कर्मचारियों ने इस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इनका कहना है कि एक ओर नगर निगम ऐसे कर्मचारियों को आवास दे रहा है जिनके शहर में अपने मकान हैं। दूसरी ओर सबलेटिंग होने के बावजूद उस पर लाखों रुपये खर्च कर रहा है। एक ही आवास पर तीन साल में दूसरी बार लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बाकी कर्मचारी आवासों की हालत खस्ता है, इनकी सुध तक नहीं ले रहा।
कर्मचारियों के अनुसार इस महिला कर्मी का कैथू में अपना बहुमंजिला मकान है। इसे बस स्टैंड के पास नगर निगम ने सरकारी आवास भी अलॉट कर रखा है। आरोप है कि इसमें महिला कर्मी के रिश्तेदार रह रहे हैं। कई अफसरों को भी इसकी सूचना है लेकिन इसके बावजूद निगम इसके आवास पर लगातार पैसा खर्च कर रहा है। नगर निगम कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष हीरानंद कश्यप ने कहा कि इस मामले की छानबीन की जानी चाहिए। सभी कर्मचारी आवास ठीक करने चाहिए।
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सभी आवासों की होती है मरम्मत
निगम प्रशासन का कहना है कि जिन सरकारी आवासों में मरम्मत की जरूरत होती है, वहीं पर काम करवाए जा रहे हैं। अधिशासी अभियंता राजेश ठाकुर ने कहा कि सभी कर्मचारी आवासों की समय-समय पर मरम्मत की जा रही है। किसी एक कर्मचारी आवास पर पैसा खर्चने के आरोप निराधार हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम में तैनात एक महिला कर्मचारी पर नगर निगम कुछ ज्यादा ही मेहरबान हो गया है। नगर निगम से मिले सरकारी आवास में महिला कर्मी ने अपने रिश्तेदार ठहरा रखे हैं। नगर निगम तीन साल के भीतर दूसरी बार इस आवास की मरम्मत करवाने जा रहा है। इस बार ढाई लाख रुपये से ज्यादा पैसा खर्च हो रहा है।
नगर निगम के बाकी कर्मचारियों ने इस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इनका कहना है कि एक ओर नगर निगम ऐसे कर्मचारियों को आवास दे रहा है जिनके शहर में अपने मकान हैं। दूसरी ओर सबलेटिंग होने के बावजूद उस पर लाखों रुपये खर्च कर रहा है। एक ही आवास पर तीन साल में दूसरी बार लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बाकी कर्मचारी आवासों की हालत खस्ता है, इनकी सुध तक नहीं ले रहा।
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कर्मचारियों के अनुसार इस महिला कर्मी का कैथू में अपना बहुमंजिला मकान है। इसे बस स्टैंड के पास नगर निगम ने सरकारी आवास भी अलॉट कर रखा है। आरोप है कि इसमें महिला कर्मी के रिश्तेदार रह रहे हैं। कई अफसरों को भी इसकी सूचना है लेकिन इसके बावजूद निगम इसके आवास पर लगातार पैसा खर्च कर रहा है। नगर निगम कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष हीरानंद कश्यप ने कहा कि इस मामले की छानबीन की जानी चाहिए। सभी कर्मचारी आवास ठीक करने चाहिए।
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सभी आवासों की होती है मरम्मत
निगम प्रशासन का कहना है कि जिन सरकारी आवासों में मरम्मत की जरूरत होती है, वहीं पर काम करवाए जा रहे हैं। अधिशासी अभियंता राजेश ठाकुर ने कहा कि सभी कर्मचारी आवासों की समय-समय पर मरम्मत की जा रही है। किसी एक कर्मचारी आवास पर पैसा खर्चने के आरोप निराधार हैं।