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Shimla News: पर्यावरण मानकों के उल्लंघन पर होटल पर 12.95 लाख जुर्माना

Fri, 03 Oct 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Oct 2025 11:59 PM IST
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Hotel fined Rs 12.95 lakh for violating environmental norms
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने की कार्रवाई
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लगातार नियमों की अवहेलना पर की गई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचपीपीसीबी) ने कुफरी-फागू रोड स्थित निजी होटल (स्नो व्यू रिजॉर्ट) पर पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने के आरोप में 12.95 लाख रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों और प्रदूषक भुगतान सिद्धांत के तहत की गई है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को क्षेत्रीय कार्यालय से प्राप्त रिपोर्ट में पता चला कि रिजॉर्ट के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से लिए तीन सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें पहला सैंपल 27 जुलाई 2024, दूसरा 5 सितंबर 2024 और तीसरा 6 फरवरी 2025 को लिया था। इससे स्पष्ट हुआ कि रिजॉर्ट प्रबंधन जल निकासी और शोधन प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं ले रहा था जिससे पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन हो रहा था। इससे पहले बोर्ड ने रिजॉर्ट को सुधार के लिए कई नोटिस जारी किए थे। 24 अगस्त 2024 को क्षेत्रीय कार्यालय और 30 जनवरी 2025 को मुख्यालय से नोटिस भेजा था लेकिन प्रबंधन की ओर से संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इसके बाद 11 अप्रैल 2025 को बोर्ड ने रिजॉर्ट का बिजली कनेक्शन काटने का आदेश जारी किया। किसी भी अन्य ऊर्जा स्रोत जैसे डीजल जेनरेटर के उपयोग से भी संचालन रोकने के निर्देश दिए। इसके बाद मामला बोर्ड मुख्यालय की संयुक्त समिति के पास भेजा गया। समिति ने विस्तृत मूल्यांकन के बाद प्रतिदिन 5,000 रुपये की दर से 259 दिन की उल्लंघन अवधि मानते हुए 12,95,000 रुपये का जुर्माना तय किया। समिति ने स्पष्ट किया कि यह राशि जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 और वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के उल्लंघन के आधार पर तय की है। बोर्ड ने होटल प्रबंधन को तय समय के भीतर यह राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय पर राशि न जमा होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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बोर्ड ने जारी की चेतावनी
बोर्ड ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में 10,000 से 15 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और यदि सुधार नहीं होता है, तो प्रत्येक दिन के लिए अतिरिक्त 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। बोर्ड की क्षेत्रीय अधिकारी कुसुम कुमारी ने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल आर्थिक दंड लगाना है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना और पर्यटन व्यवसाय में पर्यावरणीय नियमों का कड़ाई से पालन करना है। भविष्य में सभी होटलों और रिजाॅर्ट को अपने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और अन्य प्रदूषण नियंत्रण उपायों को मानकों के अनुरूप बनाए रखना अनिवार्य होगा।
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