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टेस्ट करवाने के बाद घर भेज दिया मरीज, सुबह हो गई मौत
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शिमला। शहर के दो अस्पतालों में उपचार पाने के बाद घर पहुंचे मरीज की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मरीज की मौत लापरवाही की वजह से हुई है। परिजनों ने इसकी शिकायत अस्पताल प्रबंधनों को कर दी है। शहर के जोनल अस्पताल डीडीयू और आईजीएमसी में रामबाजार के रहने वाले 65 वर्षीय चरणदास बुधवार रात को इलाज करवाने आए थे। डीडीयू में चेकअप के बाद उन्हें आईजीएमसी रेफर कर दिया था। आईजीएमसी में मरीज का सीटी स्कैन के साथ अन्य टेस्ट किए गए और घर भेज दिया। वीरवार तड़के मरीज को बेचैनी महसूस हुई तो परिजन उसे डीडीयू अस्पताल ले आए। यहां चेकअप के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि अगर मरीज की सही तरीके से जांच की जाती तो उनकी की मौत न होती।
दोनों अस्पतालों के चक्कर लगाने को लेकर परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। इस मामले को लेकर वीरवार को डीडीयू की इमरजेंसी में परिजनों ने रोष व्यक्त किया। जानकारी के मुताबिक रामबाजार के रहने वाले चरणदास (65) बुधवार देर रात घर पर गिर गए थे। इनके माथे पर चोट लगी थी। चरणदास को परिजन डीडीयू अस्पताल लाए और स्टीचिंग के बाद घर भेज दिया। आधी रात को मरीज को बैचेनी महसूस हुई तो दोबारा डीडीयू अस्पताल लाया गया लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। बेटी राजकुमारी ने बताया कि इसके बाद डॉक्टर आई और मरीज को आईजीएमसी रेफर कर दिया। आईजीएमसी पहुंचे तो यहां पर सीनियर की जगह जूनियर डॉक्टरों ने जांच की। इसके बाद सीटी स्कैन और अन्य टेस्ट करवाए गए, इसके बाद मरीज को घर भेज दिया। घर पहुंचने के बाद सुबह के वक्त दोबारा दिक्कत हुई तो वह डीडीयू अस्पताल आए लेकिन यहां चरणदास को मृत घोषित कर दिया।
टेस्ट रिपोर्ट की होगी जांच : डॉ. लोकेंद्र
जोनल अस्पताल डीडीयू के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र शर्मा ने बताया कि एक्सपर्ट ओपिनियन के लिए मरीज को आईजीएमसी रेफर किया था। डॉक्टरों ने गंभीरता से जांच की थी, किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरती है। आईजीएमसी में जो टेस्ट हुए हैं उन्हें भी देखा जाएगा। यह मरीज तीन दिन पहले भी अस्पताल आया था और पिछली रात भी।
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परिजनों का आरोप है कि अगर मरीज की सही तरीके से जांच की जाती तो उनकी की मौत न होती।
दोनों अस्पतालों के चक्कर लगाने को लेकर परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। इस मामले को लेकर वीरवार को डीडीयू की इमरजेंसी में परिजनों ने रोष व्यक्त किया। जानकारी के मुताबिक रामबाजार के रहने वाले चरणदास (65) बुधवार देर रात घर पर गिर गए थे। इनके माथे पर चोट लगी थी। चरणदास को परिजन डीडीयू अस्पताल लाए और स्टीचिंग के बाद घर भेज दिया। आधी रात को मरीज को बैचेनी महसूस हुई तो दोबारा डीडीयू अस्पताल लाया गया लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। बेटी राजकुमारी ने बताया कि इसके बाद डॉक्टर आई और मरीज को आईजीएमसी रेफर कर दिया। आईजीएमसी पहुंचे तो यहां पर सीनियर की जगह जूनियर डॉक्टरों ने जांच की। इसके बाद सीटी स्कैन और अन्य टेस्ट करवाए गए, इसके बाद मरीज को घर भेज दिया। घर पहुंचने के बाद सुबह के वक्त दोबारा दिक्कत हुई तो वह डीडीयू अस्पताल आए लेकिन यहां चरणदास को मृत घोषित कर दिया।
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टेस्ट रिपोर्ट की होगी जांच : डॉ. लोकेंद्र
जोनल अस्पताल डीडीयू के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लोकेंद्र शर्मा ने बताया कि एक्सपर्ट ओपिनियन के लिए मरीज को आईजीएमसी रेफर किया था। डॉक्टरों ने गंभीरता से जांच की थी, किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरती है। आईजीएमसी में जो टेस्ट हुए हैं उन्हें भी देखा जाएगा। यह मरीज तीन दिन पहले भी अस्पताल आया था और पिछली रात भी।
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