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Himachal: जगत नेगी बोले- बागवानी नीति से प्रदेश में 82,500 लोगों को मिलेगा रोजगार

Mon, 02 Dec 2024 11:21 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी,सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी,सोलन Published by: Krishan Singh Updated Mon, 02 Dec 2024 11:21 AM IST
सार

प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप बागवानी नीति को लागू करने वाला हिमाचल प्रदेश पहला राज्य होगा, जिससे 82,500 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। 

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Horticulture policy will provide employment to 82,500 people in the state
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने नौणी विश्वविद्यालय के 13वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्ष्रता की। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप बागवानी नीति को लागू करने वाला हिमाचल प्रदेश पहला राज्य होगा, जिससे 82,500 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। यह बात बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने नौणी विश्वविद्यालय के 13वें दीक्षांत समारोह के दौरान कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्राकृतिक खेती में अनुसंधान एवं विकास के लिए विवि को लगभग 4 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है। राज्य सरकार ने प्राकृतिक खेती से उत्पादित मक्की का न्यूनतम समर्थन मूल्य 30 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है।

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उन्होंने कहा कि 1,292 करोड़ रुपये की एचपी-शिवा परियोजना के तहत वर्ष 2028 तक बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, सोलन और ऊना के 28 विकास खंडों में 6,000 हेक्टेयर क्षेत्र को बागवानी के तहत लाने का लक्ष्य है, जिससे 15 हजार से अधिक बागवान परिवार लाभान्वित होंगे। हिमाचल प्रदेश कृषि-बागवानी प्रधान राज्य है, जिसने उच्च तकनीक अपनाकर किसानों और बागवानों की आजीविका और आय के साधन बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों और बागवानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

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बागवानों की मांग के अनुरूप राज्य सरकार ने सेब की पैकिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन का उपयोग करने की पहल की, जिससे राज्य के बागवानों को सेब विपणन में सुविधा और अच्छे दाम मिले हैं। अब मंडियों में सेब की खरीद प्रति किलोग्राम के हिसाब से की जा रही है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार सरकार ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) के तहत सेब उत्पादकों की सभी देनदारियों के निपटान के लिए 153 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सेब के समर्थन मूल्य में 1.50 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है, जिससे सेब के समर्थन मूल्य में 12 रुपये प्रति किलो हुआ है।

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प्रदेश में रसायन मुक्त खेती को दिया जाए बढ़ावा
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 49 प्रतिशत क्षेत्र में सेब का उत्पादन किया जाता है तथा कुल फल उत्पादन में इसका 84 प्रतिशत योगदान है। राज्य में सेब की अर्थव्यवस्था 5,000 करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि मौसम में परिवर्तन तथा रासायनिक कीटनाशकों के अधिक प्रयोग ने फल उत्पादन से लेकर गुणवत्ता तक सारी शृंखला को प्रभावित किया है। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय ने प्राकृतिक खेती प्रणाली अपनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने देश में रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए 2 हजार 481 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन को मंजूरी दी है, जिसका प्रदेश को भी लाभ उठाना चाहिए।

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