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Shimla News: हिमालय मंच बाबा भलकू के परिजनों को करेगा सम्मानित

Tue, 08 Apr 2025 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Apr 2025 11:55 PM IST
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honour to balku family
आकाशवाणी और रंगकर्म के क्षेत्र में सराहनीय योगदान के लिए बीआर मेहता को जीवन उपलब्धि सम्मान
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमालय साहित्य संस्कृति एवं पर्यावरण मंच भलकू स्मृति कालका-शिमला रेल साहित्य यात्रा के दौरान बाबा भलकू की स्मृतियों को सहेजने के लिए आकाशवाणी के पूर्व प्रख्यात उद्घोषक, रंगकर्मी एवं बाबा भलकू स्मृति एवं जन विकास समिति चायल के अध्यक्ष बीआर मेहता को आकाशवाणी और रंगकर्म के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आजीवन उपलब्धि सम्मान से अलंकृत करेगा। साथ ही बाबा भलकू की छठी पीढ़ी के परिजनों दुर्गा दत्त ठाकुर, शांतिस्वरूप ठाकुर और कांति स्वरूप ठाकुर को भलकू स्मृति सम्मान से नवाजा जाएगा। हिमालय मंच भलकू के परिजनों को सम्मानित करेगा। इसके अलावा आकाशवाणी और रंगकर्म के क्षेत्र में सराहनीय योगदान के लिए बीआर मेहता को जीवन उपलब्धि सम्मान से नवाजा जाएगा। कालका-शिमला रेल साहित्य यात्रा को स्वास्थ्य एवं जनकल्याण मंत्री धनीराम शांडिल 12 अप्रैल को फ्लैग ऑफ करेंगे और बतौर मुख्यातिथि कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस यात्रा में सहयोग के लिए बागवान सुशील कुमार वर्मा को भी सम्मानित किया जाएगा। हिमालय मंच के अध्यक्ष एसआर हरनोट ने बताया कि बीआर मेहता ने 37 वर्षों की सेवाएं शिमला, जोधपुर, बीकानेर और सूरतगढ़ आकाशवाणी में उद्घोषक और रंगकर्मी के रूप में दी हैं। उन्होंने न केवल नाटकों का लेखन किया बल्कि कई बड़े नाटककार, लेखकों के चर्चित नाटक भी मंचित किए हैं। उनके लिखे मलाणा गांव पर विशेष रूपक और आकाशवाणी शिमला को 1999 के लिए लिखे नाटक रोशनी की ओर को अखिल भारतीय आकाशवाणी प्रसारण प्रतियोगिता में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। उन्होंने बाबा भलकू स्मृति एवं जन विकास समिति चायल का गठन भी किया और चायल बाजार में बाबा भलकू की प्रतिमा स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि भलकू के परिवार के वरिष्ठ सदस्य दुर्गादत्त ठाकुर ने ब्रिटिश प्रशासन द्वारा भलकू की प्रशंसा में दिए गए सभी दस्तावेजों को संभाल कर रखा है। इनमें एक नियुक्ति पत्र भी है, जिसमें भलकू के हिंदुस्तान तिब्बत रोड में उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए उन्हें ओवरसीयर की उपाधि प्रदान की गई थी। दो दिवसीय बाबा भलकू स्मृति कालका-शिमला रेल साहित्य यात्रा के दूसरे दिन 13 अप्रैल को 33 लेखक भलकू के पुश्तैनी गांव झाझा चायल जाएंगे और आयोजन में ये सम्मान दिए जाएंगे। पहले दिन लेखक शिमला से बड़ोग और बड़ोग से शिमला तक यात्रा करेंगे और दूसरे दिन बस से चायल जाएंगे।
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