Himachal: सिक्योरिटी जमा करवाने वालों को मिलेंगे 25 फीसदी प्लॉट, हिमुडा ने लिया फैसला
हिमुडा ने शिमला के जाठिया देवी में 243 में से 153 बीघा जमीन पर प्लॉट बेचने का फैसला लिया है। इसमें 25 फीसदी प्लॉट डिमांड ऑफ सर्वे के तहत आवेदकों के लिए आरक्षित रखे गए हैं। हिमुडा के इस फैसले से प्रदेश और बाहरी राज्यों के 35 हजार से ज्यादा लोगों को फायदा मिल सकता है।
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डिमांड ऑफ सर्वे के तहत हिमाचल आवास और शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) में जिन लोगों ने प्लॉट के लिए आवेदन किया है, उनमें प्लॉट मिलने की आस जग गई है। हिमुडा ने शिमला के जाठिया देवी में 243 में से 153 बीघा जमीन पर प्लॉट बेचने का फैसला लिया है। इसमें 25 फीसदी प्लॉट डिमांड ऑफ सर्वे के तहत आवेदकों के लिए आरक्षित रखे गए हैं। हिमुडा के इस फैसले से प्रदेश और बाहरी राज्यों के 35 हजार से ज्यादा लोगों को फायदा मिल सकता है। वर्ष 2011-12 में हिमुडा ने लोगों से प्लॉट और फ्लैट बुक करवाने के लिए आवेदन मांगे थे। करीब 75 हजार हिमाचल और बाहरी राज्यों के लोगों ने पांच हजार रुपये की सिक्योरिटी राशि जमाकर फ्लॉट और प्लैट बुक करवाए थे। इस राशि से हिमुडा ने कई जगह जमीन खरीदी थी।
जगह की लोकेशन ठीक न होने से लोगों ने प्लॉट और फ्लैट खरीदने से मना कर दिया था। वहीं, हिमुडा को हिमाचल में सही जमीन नहीं मिल रही थी। जहां जमीन मिल रही थी, उनके रेट बहुत ज्यादा थे। ऐसे में प्लॉट और फ्लैट देने का मामला पेंडिंग में चला गया। हालांकि, हिमुडा ने जाठियादेवी में जमीन खरीद ली थी, लेकिन यहां कॉलोनियां बनाने के लिए हिमुडा के पास पैसे नहीं थे। ऐसे में हिमुडा ने सिंगापुर सरकार की कंपनी के साथ एमओयू साइन किया है। जमीन हिमुडा की थी, जबकि कंस्ट्रक्शन का खर्च सिंगापुर की कंपनी ने उठाना था। इसी बीच, एनजीटी ने शिमला प्लानिंग एरिया में ढाई से अधिक मंजिला भवन निर्माण पर रोक लगा दी। ऐसे में सिंगापुर सरकारी कंपनी ने घाटे का हवाले देते हुए काम करने से मना कर दिया। अब हिमुडा ने प्लॉट बेचने का फैसला लिया है।
सदन में भी चर्चा का विषय बना था मुद्दा
पांच हजार रुपय की सिक्योरिटी राशि पूर्व धूमल सरकार के कार्यकाल में ली गई थी। इसके बाद कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई। यह मामला सदन में भी चर्चा का विषय बना रहा। इसके बाद हिमुडा ने डिमांड सर्वे की एवज में वसूल की गई धनराशि को वापस करना शुरू कर दिया।