Himalayan Queen Train: विश्व धरोहर कालका-शिमला रेललाइन पर हिमालयन क्वीन बंद, सैलानी मायूस
बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक शताब्दी ट्रेन में आते थे और कालका से हिमालयन क्वीन ट्रेन में शिमला पहुंचते थे। कालका से यह ट्रेन 12:10 बजे चलती थी।
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विश्व धरोहर कालका-शिमला रेल लाइन पर चलने वाली हिमालयन क्वीन ट्रेन बंद कर दी गई है। इसके बदले चलाई गई विशेष ट्रेन का यात्रियों को लाभ नहीं मिल पा रहा। विशेष ट्रेन के कालका से चलने का समय सुबह 11:55 बजे का है। जबकि इसके बाद दिल्ली से कालका आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन कालका पहुंच रही है। इससे शताब्दी ट्रेन की सवारियों को लाभ नहीं मिल रहा। साथ ही अब टूर एंड ट्रेवल एजेंसियां भी इस फैसले का विरोध करने लगी हैं। वहीं ऑनलाइन टिकट बुकिंग साइट पर भी 24 अक्तूबर तक रेल जानकारी में रेल रद्द आ रही है। गौर रहे कि बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक शताब्दी ट्रेन में आते थे और कालका से हिमालयन क्वीन ट्रेन में शिमला पहुंचते थे।
कालका से यह ट्रेन 12:10 बजे चलती थी। इससे दिल्ली से कालका सुबह 11:40 बजे पहुंचने वाली सवारियों को आसानी से शिमला के लिए ट्रेन मिल जाती थी। लेकिन अब स्पेशल ट्रेन चलने से सवारियों को दिक्कतें आ रही हैं। क्योंकि कई बार शताब्दी देरी से भी पहुंचती है। ऐसे में आगामी ट्रेन नहीं मिल पाने से सवारियों को टैक्सी आदि के सहारे शिमला पहुंचना पड़ रहा है। वहीं अधिकांश यात्री चंडीगढ़ एयरपोर्ट से इस ट्रेन के लिए टैक्सियाें में आते थे, मगर जब से इसका समय बदला है, कम यात्री आ रहे हैं। हिमालयन क्वीन में कालका से शिमला तक 475 रुपये फर्स्ट क्लास और सीसी में 275 रुपये किराया था। जबकि विशेष ट्रेन में शिमला तक किराया 50 रुपये है।
स्पेशल ट्रेन के मात्र दो ठहराव
विशेष ट्रेन के मात्र दो ठहराव रखे गए हैं। इसमें धर्मपुर और बड़ोग रेलवे स्टेशन हैं। बड़ोग स्टेशन तक पहुंचना काफी मुश्किलों भरा है, क्योंकि यहां तक सड़क नहीं जाती। जबकि हिमालयन क्वीन ट्रेन के ठहराव प्रत्येक स्टेशन पर थे।
हिमालयन क्वीन ट्रेन को ही स्पेशल ट्रेन के जरिये नए तरीके से चलाया जा रहा है। एक अक्तूबर में इसके समय में बदलाव हुआ है। इसके दो ठहराव समय की बचत के लिए रखे हैं। किराये के बारे में भी टीम से जांच करवा ली जाएगी।-मनदीप सिंह भाटिया, डीआरएम, अंबाला।