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बाहरी राज्यों में पढ़े हिमाचलियों को भी एमबीबीएस में स्टेट कोटा

Wed, 01 Aug 2018 12:03 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 01 Aug 2018 12:03 PM IST
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Himachalis studying in outside states also have state quota in MBBS

दूसरे राज्यों में पढ़े हिमाचल के विद्यार्थी अब प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में स्टेट कोटे से एमबीबीएस में दाखिला ले सकेंगे। हिमाचल हाईकोर्ट के तीसरे जज संदीप शर्मा ने यह बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि एमबीबीएस में प्रदेश से बाहर निजी व्यवसाय या नौकरी करने वालों के बच्चों को दाखिले में छूट न देना असंवैधानिक है।हाईकोर्ट की खंडपीठ में मामले को लेकर मतांतर होने पर मामला तीसरे जज को सौंपा गया था।

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 हाईकोर्ट में न्यायाधीश संदीप शर्मा के समक्ष सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से दलील दी गई कि यदि इस श्रेणी के बच्चों को दाखिला दिया तो संभावना है कि ये बच्चे कोर्स पूरा होते ही प्रदेश के बजाय बाहरी राज्यों में सेवाएं देने को प्राथमिकता देंगे। यही कारण है कि  सरकार ने अपने विवेक का प्रयोग करते हुए इस श्रेणी के बच्चों को हिमाचली कोटे से बाहर रखा। 

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यहां जानिए क्या है पूरा मामला

Himachalis studying in outside states also have state quota in MBBS

प्रार्थियों की ओर से कोर्ट में कहा गया कि भेदभावपूर्ण तरीके से उन्हें दाखिले से बाहर किया जा रहा है। सरकार ने ऐसा कोई सर्वे नहीं किया है, जिसके तहत उनकी श्रेणी को संवैधानिक तौर पर दाखिले से वंचित किया जा सके।

गौर हो कि सरकार ने बाहरी राज्यों से पढ़ाई करने वाले हिमाचली छात्रों को दो श्रेणियों में बांटा है। पहली श्रेणी में वे छात्र हैं, जिनके अभिभावक बाहरी राज्यों अथवा केंद्र सरकार सहित सरकारी उपक्रमों के अधीन नौकरी में हैं या कभी रहे थे।

दूसरी श्रेणी में वे छात्र हैं, जिनके अभिभावक निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं या कभी रहे थे। सरकार ने मौजूदा सत्र में पहली श्रेणी के छात्रों को शर्त से छूट दी लेकिन दूसरी श्रेणी के छात्रों को लाभ नहीं दिया।

दूसरी श्रेणी के साथ संविधान के तहत भेदभाव हो रहा है या नहीं, इस पर खंडपीठ में सुनवाई कर रहे दोनों न्यायाधीशों में मतांतर पाया गया। न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ नेमामला तीसरे जज कोभेजा। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने अपने निर्णय में न्यायाधीश विवेक ठाकुर के निर्णय से सहमति जताई।

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