फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himachali youth stranded behaving like slaves in Saudi Arabia

सऊदी अरब में होता है गुलामों जैसा व्यवहार, मंडी के युवकों ने सुनाई आपबीती

Mon, 10 Dec 2018 05:00 AM IST
बलविंद्र सोढी, अमर उजाला, सुंदरनगर (मंडी)
बलविंद्र सोढी, अमर उजाला, सुंदरनगर (मंडी) Updated Mon, 10 Dec 2018 05:00 AM IST
विज्ञापन
himachali youth stranded behaving like slaves in Saudi Arabia

सऊदी अरब में रोजगार के लिए गए मंडी के युवकों से गुलामों जैसा व्यवहार होता है। रियाद में आग उगलने वाली लू में उनके कान-नाक से खून निकलता था। आंखों में धूल से जलन होने पर भी उन्हें जबरन लोडर और जेसीबी चलाने को दिए जाते थे।

विज्ञापन


12 घंटे काम करने के बाद उन्हें टीन के शेड में बंधक की तरह सोने को मजबूर होना पड़ता है। यह आपबीती सऊदी अरब से हैदराबाद पहुंचने पर सुंदरनगर के भोजपुर निवासी हरजिंदर सिंह, बल्ह के डडोह निवासी अश्वनी सांख्यान और जोगिंदर कुमार ने देर शाम फोन पर विशेष वार्ता में सुनाई।
विज्ञापन


सऊदी अरब में फंसे हिमाचल के 13 युवकों में से तीन भारत लौट आए हैं। देर शाम वे रियाद से विमान में हैदराबाद पहुंचे। उन्हें रात को विमान से ही दिल्ली और फिर सोमवार को सुंदरनगर भेजा जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

युवकों को ऐसे किया प्रताड़ित

himachali youth stranded behaving like slaves in Saudi Arabia

तीनों युवकों ने बताया कि उन्हें कहा गया था कि वह वहां की एक कंपनी में काम करेंगे, लेकिन जब वह पहुंचे तो उन्हें वहां बदू (लोकल ठेकेदार) के पास भेजा गया। उनके सारे दस्तावेज लेकर उन्हें आगे एक कंपनी के पास नौकर रखवा दिया।

सर्दियों में उन्हें हीटर तक नहीं दिए। वहां आठ घंटे काम करने के 1800 रियाल (करीब 35 हजार) मासिक वेतन और ओवरटाइम का अलग से भुगतान करने की बात कही थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। बंधकों की तरह उनसे 12 घंटे काम लिया जाता।

उन्होंने जब उनसे पशुओं जैसा व्यवहार करने का विरोध किया तो प्रताडि़त करते थे। इस बारे में उन्होंने एजेंट को भी उसके सऊदी अरब आने पर बताया था, जिसने काम करने के लिए तकलीफें सहने की नसीहत दी। 

तत्काल पासपोर्ट बनाकर भारत भेजा 

himachali youth stranded behaving like slaves in Saudi Arabia

 बीमारी की हालत में भी उन्हें कोई चिकित्सीय सुविधा नहीं दी गई। युवकों के लौटने की खबर मिलते ही परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई है। उन्होंने उनकी सकुशल वापसी के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का आभार जताया है। 

तीनों युवकों ने बताया कि उनके पासपोर्ट अभी भी कंपनी मालिक के पास हैं। उन्हें भारतीय दूतावास ने तत्काल पासपोर्ट बनाकर सऊदी से हैदराबाद भेजा। वहां से घर तक पहुंचने के लिए उनके पास पैसे नहीं हैं।

वह हैदराबाद में किसी से उधार लेकर रुपये का जुगाड़ कर रहे हैं। जेल में भी उनके साथ पशुओं जैसा व्यवहार किया गया। उन्हें एक कमरे में भेड़-बकरियों की तरह ठूंस कर रखा गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed