हिमाचली जड़ी-बूटियों का कमाल, मधुमेह के 20 लाख मरीज हो गए स्वस्थ
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दो वर्ष के शोध के बाद वैज्ञानिकों ने बीजीआर-34 नामक दवा बनाई। जिसे महज 5 रुपये में सरकारी कीमत पर बेचने का फैसला लिया गया। वर्ष 2015 से 2017 के बीच इस दवा के जरिये सरकार ने करीब 50 लाख मधुमेह रोगियों तक अपनी पहुंच बनाई है।
इन बीमारियों की दवा भी जल्द आएगी
सरकार का दावा है कि इनमें से 20 लाख लोगों को तीन से चार दिन के भीतर फायदा पहुंचा। अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर मंत्रालय ने बीजीआर की सफलता को देखते हुए अब टीबी, निमोनिया और फेफड़ों में कैंसर को रोकने के लिए भी दवा पर शोध शुरू कर दिया है।
सीएसआईआर का एक दल जल्द ही हिमाचल जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि दो वर्ष के भीतर आयुर्वेद के क्षेत्र में देश को कई बड़े शोध देखने को मिल सकते हैं।