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CM Sukhu: हिमाचली युवाओं को बिजली प्रोजेक्ट लगाने पर सेस में मिलेगी छूट

Thu, 16 Mar 2023 07:13 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 16 Mar 2023 07:13 PM IST
सार

मुकेश ने कहा कि बिजली परियोजनाओं पर वाटर सेस लगाने से प्रदेश की आय में चार हजार करोड़ का इजाफा हो सकता है।

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Himachal youth get exemption from cess on power projects in Himachal Pradesh
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जल विद्युत परियोजनाओं पर सेस लगाने के मामले में हिमाचल के युवाओं को छूट दी जाएगी। जिनके एक या दो मेगावाट के प्रोजेक्ट हैं, उनकी आय देखने के बाद ही वाटर सेस लगाने पर विचार होगा। केवल हिमाचल के युवाओं को ही छूट दी जाएगी। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जल विद्युत उत्पादन पर जल उपकर विधेयक 2023 को संशोधित करने का प्रस्ताव सदन के पटल पर रखा।

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मुकेश ने कहा कि बिजली परियोजनाओं पर वाटर सेस लगाने से प्रदेश की आय में चार हजार करोड़ का इजाफा हो सकता है। कहा कि उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में इससे आय हो रही है। हिमाचल पहले से ही लेट है। कंपनियां इसे जमा करने के लिए आगे आएं। इसमें बड़ी कंपनियों से टैक्स लेने की बात है। पांच मेगावाट तक प्रोजेक्टों के प्रति संवेदनशीलता बरती जाएगी।
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भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने इस बारे में संशोधन चाहा। कहा कि इस बारे में अध्यादेश लाने की जरूरत क्या थी। मुकेश ने कहा कि रणधीर शर्मा से उम्मीद है कि वह पूंजीपतियों के साथ नहीं हैं। बताएं कि क्या पांच मेगावाट तक के प्रोजेक्टों को राहत दी जा रही है या नहीं। इतनी चिंता तो पूंजीपतियों को भी नहीं है, जितनी भाजपा को है। घुमारवीं के विधायक राजेश धर्माणी ने कहा कि बाहरी राज्यों को जो पानी दिया जा रहा है, उस पर भी सेस लगाया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि रणधीर शर्मा कानून की पढ़ाई कर चुके हैं। अध्यादेश क्यों लाया जाता है, इस बारे में जान सकते हैं। हिमाचल में पानी बहता सोना है। प्रदेश में 172 बिजली परियोजनाओं को पंजीकरण करना होगा। उसके बाद एक आयोग बनेगा। रेणुका बांध का पानी प्रदेश से बाहर जा रहा है, विचार करेंगे कि क्या करना है। विधायक राजेश धर्माणी ने नया आइडिया दिया है। रणधीर के एक सुझाव पर मुकेश ने कहा कि इसके लिए जो आयोग बनाया जाएगा, उसके अध्यक्ष पद के लिए पात्रता की शर्तों में प्रसिद्ध व्यक्ति और अन्य शर्तें जोड़ी जाएंगी।

रात की इमरजेंसी में हस्ताक्षर करने की क्या जरूरत पड़ी : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि 40 साल में बिजली परियोजनाओं से 33 हजार करोड़ के आसपास आय हो चुकी है। दूसरे राज्यों को बिजली बेचनी है तो उसका टैरिफ बढ़ने से उद्योगों पर असर पडे़गा। परियोजनाओं का उत्पादन भी प्रभावित नहीं होना चाहिए। अब उद्योग भी सोच रहे हैं कि हिमाचल नहीं आएंगे। रात को दो बजकर 10 मिनट पर विधेयक पर हस्ताक्षर करने की इमरजेंसी क्या हो गई। ऐसे आपातकाल वाली बात क्या है। पांच मेगावाट से कम पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की बात कर रहे हैं। उत्तराखंड में तो इसमें छूट दी गई है। सहानुभूति से सरकार की मंशा भी इससे सामने आ रही है।


सेवा की बात होगी तो चार बजे तक भी जागेंगे : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सर्दियों के सीजन में हिमाचल सात रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीदता है और उद्योगपतियों को भी देता है। जब राज्य की सेवा की बात आएगी तो दो बजे क्या रात के चार बजे भी जागेंगे और जाग रहे हैं। आने वाले वक्त में सहयोग की जरूरत है। अगर राजस्व नहीं बढ़ाएंगे तो आने वाले वक्त में पिछड़ जाएंगे। वह मुकेश अग्निहोत्री का धन्यवाद करना चाहेंगे कि वह दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।

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