हिमाचल: शिशु की मृत्यु होने पर भी श्रम हानि के लिए महिलाओं को मिल सकती है राहत, जानें पूरा मामला
राज्य खाद्य आयोग के संज्ञान पर महिला एवं बाल विकास निदेशालय की ओर से भेजे गए सुझाव पर केंद्र से सकारात्मक संकेत मिले हैं।
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शिशु की मृत्यु होने की स्थिति में भी वेज लॉस पर महिलाओं को राहत मिल सकती है। इस संबंध में राज्य खाद्य आयोग के संज्ञान पर महिला एवं बाल विकास निदेशालय की ओर से भेजे गए सुझाव पर केंद्र से सकारात्मक संकेत मिले हैं। अगर ऐसा होता है तो इसका लाभ हिमाचल के अलावा देश भर की महिलाओं को हो सकता है। इस संबंध में राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कत्याल की अध्यक्षता में कुछ समय पहले राज्य स्तर पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अनुरूप राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के कार्यान्वयन की समीक्षा और निगरानी बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान अध्यक्ष ने पहली बच्ची को दूसरी किस्त और दूसरी बालिका लाभार्थियों को एकल किस्त के वितरण में कमियों को देखा और उन पर प्रकाश डाला।
इसके अनुसार गर्भवती महिला और प्रसूता महिलाओं को इस योजना का उचित लाभ नहीं मिल रहा है। गर्भधारण करने के 180 दिन के भीतर इसके लिए आवेदन करना होता है। शिशु के जन्म से पहले तीन हजार रुपये और जन्म के बाद दो हजार रुपये मिलते हैं। लेकिन दो हजार रुपये की दूसरी किस्त बच्चे के पहले वैक्सीनेशन के बाद मिलती है। अगर शिशु की मृत्यु हो जाए तो नहीं दी जाती है। अगर दूसरी संतान लड़की हो तो भी टीकाकरण के बाद छह हजार रुपये की एकल किस्त दी जाती है। मगर इसे भी शिशु के टीकाकरण के बाद दिया जाता है। ऐसे में ऐसी महिलाएं इस लाभ से वंचित हो रही हैं, जिनके शिशु की मृत्यु हो या फिर उनका गर्भपात हुआ हो। राज्य महिला एवं बाल विकास निदेशालय के निदेशक डॉ. पंकज ललित ने बताया कि आयोग के संज्ञान के बाद इस संबंध में केंद्र सरकार को सुझाव भेजने के बाद केंद्र से जवाब का इंतजार किया जा रहा है।