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नौवीं से जमा दो तक सेमेस्टर सिस्टम नहीं अपनाएगा हिमाचल

Sun, 28 Jul 2019 10:35 AM IST
Krishan Singh राकेश भारद्वाज, अमर उजाला, धर्मशाला
राकेश भारद्वाज, अमर उजाला, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Sun, 28 Jul 2019 10:35 AM IST
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himachal will not adopt semester system from ninth to 11th class
- फोटो : अमर उजाला

नई शिक्षा नीति में नौवीं से जमा दो तक लागू होने वाले सेमेस्टर सिस्टम को हिमाचल नहीं अपनाएगा। रूसा के परिणामों से सबक लेते हुए नौवीं से जमा दो तक वार्षिक प्रणाली को ही अपनाया जाएगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की समीक्षा को लेकर राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड की आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदेश भर से आए हुए अध्यापकों ने नौवीं से जमा दो तक सेमेस्टर सिस्टम लागू करने का विरोध किया। अध्यापकों ने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रूसा सिस्टम फेल हो चुका है। ऐसे में इसके फेलियर से हमें सबक लेना चाहिए। शनिवार को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की समीक्षा बैठक शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई।

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बैठक में आए अध्यापकों ने नई शिक्षा नीति के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। यदि सरकार नई शिक्षा नीति के लिए सुझाव आमंत्रित करने की तिथि को 31 जुलाई को बढ़ाता है तो मंडी और हमीरपुर में भी एक-एक समीक्षा बैठक होगी। इन बैठकों के आधार पर प्रदेश सरकार प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजेगी। बैठक में स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ सुरेश कुमार सोनी, स्टेट हायर एजूकेशन काउंसिल के चेयरमैन सुनील कुमार गुप्ता, औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष राम कुमार, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक रोहित जंवाल, स्कूल शिक्षा बोर्ड सचिव धर्मेश रामोत्रा, स्कूल शिक्षा बोर्ड लोक संपर्क अधिकारी अंजू पाठक सहित शिक्षाविद और अध्यापक मौजूद रहे।

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हिमाचल में त्रिस्तरीय भाषा आधारित होगी शिक्षा

नई शिक्षा नीति हालांकि, भाषा और गणित विषय पर विशेष ध्यान देने का प्रस्ताव है। इसमें प्राथमिक स्तर की शिक्षा स्थानीय भाषा में भी करवाने का प्रावधान है, लेकिन हिमाचल प्रदेश त्रिस्तरीय भाषा आधारित शिक्षा करवाएगा। इसमें हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत को शामिल किया जाएगा। 

यस, नो, यो-यो पक्की नींव नहीं: सुनील
स्टेट हायर एजूकेशन काउंसिल के चेयरमैन सुनील कुमार गुप्ता ने कहा कि यस, नो, यो-यो शिक्षा की पक्की नींव नहीं है। यदि कोई अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान रखता है तो इसका मतलब यह नहीं कि वह पढ़ाई में अच्छा है। नई शिक्षा नीति में बच्चों की पढ़ाई की नींव पक्की करने के लिए गणित और भाषा पर फोकस किया गया है।
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स्कूलों की भी होगी ग्रेडिंग

यूजीसी की महाविद्यालयों की ग्रेडिंग की तरह ही शिक्षा आयोग स्कूलों की ग्रेडिंग करेगा। निजी और सरकारी स्कूलों की ग्रेडिंग होने से इसमें पढ़ाई की गुणवत्ता और इसके फीस स्ट्रक्चर को लागू करने में सहायता मिलेगा। अभी तक सरकारी और निजी स्कूलों में ग्रेडिंग का कोई भी सिस्टम नहीं है। इसके अलावा अध्यापकों को 50 घंटे की ट्रेनिंग का भी प्रावधान है, जिससे वह पारंपरिक तरीकों को छोड़कर आधुनिक तरीके से शैक्षणिक कार्य करने में सफल होंगे।

राज्य में शुरू होगा मुख्यमंत्री हरित क्रांति अभियान
स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने कहा कि अगले माह से राज्य के स्कूलों में मुख्यमंत्री हरित क्रांति अभियान शुरू होगा। इसके तहत स्कूली बच्चों को पर्यावरण बचाने की शिक्षा दी जाएगी। साथ ही प्रायोगिक तरीके से भी उन्हें टिप्स दिए जाएंगे। इसका समापन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर करेंगे।

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