Himachal Weather: हिमाचल से विदा हुआ दक्षिण-पश्चिम मानसून, पहली बार 24 फीसदी अधिक बरसे बादल
प्रदेश से मानसून विदा होने की सामान्य तिथि 25 सितंबर मानी गई है। पिछले वर्ष प्रदेश से 3 अक्तूबर को मानसून विदा हुआ था लेकिन इस बार यह 12 दिनों की देरी के साथ विदा हुआ। इस मानसून सीजन में सामान्य से 21 फीसदी अधिक बारिश हुई है।
विस्तार
दक्षिण-पश्चिम मानसून हिमाचल प्रदेश के सभी भागों से शुक्रवार को विदा हो गया है। प्रदेश से मानसून विदा होने की सामान्य तिथि 25 सितंबर मानी गई है। पिछले वर्ष प्रदेश से 3 अक्तूबर को मानसून विदा हुआ था लेकिन इस बार यह 12 दिनों की देरी के साथ विदा हुआ। इस वर्ष 24 जून से 6 अक्तूबर तक प्रदेश में 832 मिलीमीटर बारिश हुई। इस अवधि में 672 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है। इससे पहले वर्ष 2018 में सामान्य से 21 फीसदी अधिक बारिश दर्ज हुई थी। लाहौल-स्पीति जिला को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 24 जून को मानसून ने प्रदेश में प्रवेश किया था। कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा, ऊना, बिलासपुर, सिरमौर व मंडी के अलग-अलग भागों में अत्याधिक भारी बारिश दर्ज की गई। इस वर्ष मानसून सीजन में राज्य में 36वीं सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। इससे पहले राज्य में 1922 में 1314.6 मिलीमीटर की सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई थी।
सबसे जल्दी 2001 में विदा हुआ था मानसून
हिमाचल प्रदेश में मानसून की वापसी सबसे जल्दी वर्ष 2001 में 18 सितंबर को हुई थी। वहीं, वर्ष 2019 में 11 अक्तूबर को मानसून की वापसी सबसे देरी से हुई थी।इस बार राज्य के छह जिलों कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर में 30 सितंबर को ही मानसून सीजन खत्म हो गया था। अब कुल्लू, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, चंबा, मंडी और शिमला के ऊपरी क्षेत्रों से भी मानसून विदा हो गया है। मानसून के साथ पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बरसात ने इस बार प्रदेश में जमकर कहर बरपाया। इस बार भारी बारिश, बाढ़ और बादल फटने से प्रदेश के इतिहास में पहली बार बहुत अधिक नुकसान हुआ है। जुलाई और अगस्त में बादल झमाझम बरसे। जुलाई में सामान्य से 75 फीसदी अधिक बादल बरसे। 8 से 12 जुलाई तक सामान्य से 431 फीसदी, 11 से 14 अगस्त तक 167 और 22 से 24 अगस्त तक 159 फीसदी अधिक बारिश हुई।
किस वर्ष कब हुई मानसून की विदाई
वर्ष कुल बारिश (मिमी) बारिश (फीसदी) मानसून विदाई
2022 716.7 -2 3 अक्तूबर
2021 898.6 -12 10 अक्टूबर
2020 567 - 27 30 सितंबर
2019 685 - 10 11 अक्तूबर
2018 927 12 1 अक्तूबर
2017 719 - 13 30 सितंबर
2016 624 - 28 5 अक्तूबर
2015 638 - 27 29 सितंबर
2014 523 - 38 5 अक्तूबर
2013 777 - 8 19 सितंबर
2012 702 - 15 26 सितंबर
2011 730 - 9 26 सितंबर
2010 889 11 08 सितंबर
दो दिन बारिश के आसार
शुक्रवार को प्रदेश से मानसून की विदाई के साथ ही अब 15 नवंबर तक पोस्ट मानसून सीजन चलेगा। इस दौरान बीच-बीच में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। प्रदेश में 8 अक्तूबर की रात से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से राज्य के मैदानी, मध्य व उच्च पर्वतीय कई हिस्सों में 9 व 10 अक्तूबर को बारिश की संभावना है। 9 अक्तूबर के लिए कुछ भागों में अंधड़ चलने का येलो अलर्ट भी जारी हुआ है। 11 व 12 अक्तूबर को मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष जुलाई और अगस्त में मानसून काफी सक्रिय रहा। इस बीच पश्चिमी विक्षोभ का भी प्रदेश में प्रवेश हुआ। बंगाल की खाड़ी से आई तेज हवाएं भी सक्रिय रहीं। इन सभी कारकों के एक साथ मिलने से बादल झमाझम बरसे।