हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में करीब दो माह के सूखे के बाद मंगलवार को अचानक मौसम ने करवट बदली। शिमला, कुल्लू, कांगड़ा, मंडी, चंबा और लाहौल-स्पीति में अंधड़-बारिश के साथ ओले गिरे। शिमला का रिज मैदान और सड़कें ओलों से सफेद हो गईं। शिमला में दो घटों में 50 मिलीमीटर बारिश हुई। कुल्लू के काइस में अंधड़ से पेड़ की टहनी टूटकर एक महिला गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। काइस में बिजली गिरने से दो लड़के जख्मी हुए हैं।
प्रदेश में कई जगह दोपहर 2:30 बजे ही अंधेरा छा गया। उसके बाद 3 बजे से 5 बजे तक झमाझम बारिश हुई। रोहतांग समेत प्रदेश की ऊंची चोटियों पर फाहे गिरे। तूफान से चंबा में दो दर्जन से ज्यादा भवनों को नुकसान हुआ है। चंबा में आठ मकानों, छह स्कूल भवनों, नौ गोशालाओं और तीन रसोईघरों की छतें चंबा जिले में उड़ गई हैं। कांगड़ा के इंदौरा में बिजली गिरने से सात भैंसें मर गईं।
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कांगड़ा में भारी बारिश।
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प्रदेश भर में गर्मी से राहत मिली है। अधिकतम तापमान में सामान्य से चार डिग्री की गिरावट दर्ज हुई है। बारिश कृषि-बागवानी के लिए कहीं राहत दे गई तो कहीं नुकसान कर गई।
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कुल्लू में तूफान।
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ओलों और अंधड़ से नकदी फसलों को नुकसान हुआ है। प्रदेश के अधिकतर जिलों में भारी बारिश हुई। चंबा जिले में मंगलवार सुबह भारी बारिश से मलबा सड़कों पर आ गया।
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शिमला में छाया अंधेरा।
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भरमौर-पठानकोट सहित प्रदेश में दो दर्जन मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। चुराह, बनीखेत और तीसा में बिजली गुल होने से अंधेरा छा गया। तीसा-बैरागढ़ मुख्य मार्ग पर तरवाई के पास भारी बारिश से सड़क पर तेज प्रवाह में झरना बहने लगा।
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शिमला में ओलावृष्टि।
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यहां कुछ देर के लिए वाहनों की आवाजाही थम गई। कुल्लू जिले में तूफान से प्राथमिक पाठशाला भल्याणी की छत उखड़ कर लोगों के खेतों में जा पहुंची। इसमें एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है।