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Himachal Weather : शनिवार को शिमला और सिरमौर में बाढ़ आने की चेतावनी, जानें प्रदेश में कब तक खराब रहेगा मौसम

Fri, 13 Sep 2024 06:23 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 13 Sep 2024 06:23 PM IST
सार

जनजातीय जिले किन्नौर के कल्पा, निचार और पूह खंड के अधिकांश ऊंचे इलाकों में शुक्रवार सुबह भी बर्फबारी हुई । चोटियों पर बर्फबारी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

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Himachal Weather Flood warning in Shimla and Sirmaur on Saturday
किन्नौर में बर्फबारी। - फोटो : संवाद

विस्तार

प्रदेश में बारिश के येलो अलर्ट के बीच शुक्रवार को कुल्लू, किन्नौर और लाहौल की चोटियों में बर्फबारी हुई। राजधानी शिमला में मूसलाधार बादल बरसे। प्रदेश में शनिवार से हल्की बारिश के आसार हैं। अधिकांश क्षेत्र में धूप खिली रहने का पूर्वानुमान है। शुक्रवार शाम तक कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला, सिरमौर में 30 सड़कें और प्रदेश में 22 बिजली ट्रांसफार्मर ठप रहे।

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जिला किन्नौर के पूह के मलिंग नाला में भूस्खलन से काजा-समदो जाने वाला नेशनल हाईवे-505 अवरुद्ध हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शनिवार को शिमला और सिरमौर जिले में बाढ़ आने की चेतावनी जारी की है। लोगों से नदी-नालों से दूर रहने की अपील की गई है। राजधानी शिमला में शुक्रवार को दिनभर बारिश का क्रम जारी रहा। शाम छह बजे के बाद बारिश थमने से लोगों को कुछ राहत मिली। शहर में शुक्रवार को 18 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। कल्पा में 10, नाहन में 3.4, सोलन में 20.6, जुब्बड़हट्टी में 15 और धौलाकुआं में 7.5 मिलीमीटर बारिश हुई। किन्नौर जिले के पूह खंड के मलिंग नाला में भारी बारिश के चलते शुक्रवार सुबह पत्थरों के गिरने का सिलसिला शुरू हुआ।
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किन्नौर जिले की ऊंची चोटियों पर शुक्रवार को बर्फबारी हुई। जिले के ऊपरी पहाड़ी इलाकों में दो दिन से ऊंची चोटियों में हिमपात और निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहा। जिला किन्नौर सहित रामपुर के अधिकांश क्षेत्रों में शुक्रवार पूरे दिन बारिश जारी रही। जिले के रिकांगपिओ सहित कल्पा, निचार और पूह के तीनों खंडों के अधिकतर इलाकों में मूसलाधार वर्षा होती रही। जिले के ऊंचे पहाड़ी चोटियों पर हल्का-हल्का हिमपात होता रहा। इसके चलते समूचा शहर ठंड की चपेट में आ गया।
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शुक्रवार सुबह जिला मुख्यालय रिकांगपिओ-पूह-काजा की तरफ दोपहर तक निगम की बसों की आवाजाही हुई। पूह खंड मलिंग नाले के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण राष्ट्रीय उच्च मार्ग-505 बंद हो गया। इस कारण चलते चांगो, शलखर, सुंमरा, संदु, काजा और स्पीति वैली की तरफ वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। वहीं निगुलसरी सुबह 10 बजे तक बंद रहा। इसके बाद बाद शिमला की आवाजाही जारी रही। रामपुर में भी शुक्रवार सुबह से बारिश का दौर रहा। ठंड बढ़ने के कारण क्षेत्र के लोग घरों में दुबक के रह गए। ठंड बढ़ने के कारण रामपुर बाजार में भी लोगों की आवाजाही कम नजर आई।

दोपहर तक जिला मुख्यालय रिकांगपिओं से बसों की आवाजाही सुचारु रूप हो की जा रही थी। दोपहर बाद सड़क बंद होने के कारण निगम की बसों की आवाजाही बंद हो गई। - नागेंद्र चांदला, क्षेत्रीय प्रबंधक, पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ

दोपहर तक पत्थर गिरते रहे और मौके पर तैनात मशीनरी मार्ग को बहाल करती रही, लेकिन दोपहर बाद ऊपरी पहाड़ी से लगातार पत्थरों के गिरने के कारण बीआरओ को एहतियातन एनएच पर आवाजाही बंद करवानी पड़ी। एनएच-505 बंद होने से चांगो, शलखर, सुमरा पंचायत सहित समदो, काजा और स्पीति की ओर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। निगुलसरी में ऊपरी पहाड़ी से भूस्खलन होने से वीरवार शाम को एक बार फिर राष्ट्रीय उच्च मार्ग-पांच अवरुद्ध हो गया। शुक्रवार को करीब 15 घंटे बाद एनएच-पांच यातायात के लिए बहाल हुआ। जिला कुल्लू और लाहौल की ऊंची चोटियों में बर्फबारी का दौर शुरू होने से मनाली-लेह मार्ग पर सफर करना भी जोखिम भरा हो गया है।

वीरवार रात से चोटियों में फाहे गिरे रहे हैं। इससे घाटी का पारा लगातार लुढ़क रहा है। वीरवार रात को शिमला में न्यूनतम तापमान 14.0, धर्मशाला-सोलन में 18.0, ऊना-नाहन में 22.0, मनाली में 16.1, कांगड़ा में 19.8, मंडी में 20.2 और बिलासपुर में 21.7 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड हुआ। वीरवार रात को धर्मशाला में 41, कल्पा में 20, पालमपुर में 46, सोलन में 5 और शिमला में 8 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।

सितंबर में सामान्य से पांच फीसदी अधिक बरसे बादल
प्रदेश में एक से 13 सितंबर तक सामान्य से पांच फीसदी अधिक बादल बरसे। बिलासपुर, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिले में सामान्य से अधिक मेघ बरसे। चंबा, कांगड़ा, लाहौल-स्पीति और ऊना जिला में सामान्य से कम बारिश हुई। प्रदेश में इस अवधि के दौरान 72 मिलीमीटर बारिश हुई। इस दौरान 68.6 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है। उधर, मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में अभी भी सामान्य से 20 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई।

क्षेत्र अधिकतम तापमान सेल्सियस में
ऊना 33.2
कांगड़ा 31.4
चंबा 30.7
बिलासपुर 30.3
धर्मशाला 26.0
नाहन 23.1
मनाली 22.0
शिमला 21.4
सोलन 20.0
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