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Himachal Weather: प्रदेश में भारी बारिश से फिर तबाही, गोहर में बादल फटने से कई मकान जमींदोज, 446 सड़कें बंद

Tue, 05 Aug 2025 03:18 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 05 Aug 2025 03:18 PM IST
सार

प्रदेश के कई भागों में ऑरेंज अलर्ट के बीच लगातार जारी बारिश से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। राज्य में  चार नेशनल हाईवे सहित 446 सड़कें बाधित हैं। 360 बिजली ट्रांसफार्मर व 257 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं।

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Himachal Weather:  Heavy rains again cause havoc in the state, roads closed, cloudburst gohar mandi
प्रदेश में भारी बारिश से फिर तबाही। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के कई भागों में ऑरेंज अलर्ट के बीच लगातार जारी बारिश से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। भारी बारिश से राज्य में नदी-नाले उफान पर हैं और कई जगह भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं।मंडी जिले के गोहर उपमंडल में रविवार रात बादल फटने से तबाही हुई है। लोट गांव में दो मकान पूरी तरह से ढह गए जबकि कई अन्य को आंशिक नुकसान पहुंचा है। हादसे के बाद लोगों ने पूरी रात दहशत में घरों से बाहर काटी। प्रशासन ने प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। इसी क्षेत्र के पास स्थित जहल गांव में रीनू देवी पत्नी कश्मीर सिंह पर पेड़ गिर गया। महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। गांव तक सड़क मार्ग अवरुद्ध होने से घायल को अस्पताल पहुंचाने में भारी कठिनाई आई।

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 सराज क्षेत्र का परवाड़ा गांव भी इस आपदा की चपेट में आ गया है। यहां भारी बारिश और मलबा आने से तीन मकान पूरी तरह से बह गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए थे। एसडीएम गोहर बचित्र सिंह ने बताया कि नुकसान का जायजा लिया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को तात्कालिक राहत मुहैया करवाई जाएगी। नांड़ी पंचायत के कटवांड्डी गांव में बाढ़ से एक मकान की सुरक्षा दीवार ढह गई। प्रदेश में मंगलवार रात 10:00 बजे तक तीन नेशनल हाईवे सहित 446 सड़कें बंद रहीं। 360 बिजली ट्रांसफार्मर व 257 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। मंडी जिले में सबसे अधिक 318 सड़कें, 657 बिजली ट्रांसफार्मर व 86 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं। कुल्लू में  67 सड़कें व कांगड़ा जिले में 120 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं। राजधानी शिमला में भी सुबह से बारिश जारी है। 
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 थुनाग में घरों में घुसा मलबा, अस्थायी कलवर्ट बहे
सराज में एक बार फिर भारी बारिश ने तबाही मचाई है। लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। बूंगरैलचौक, संगलबाड़ा, ढीम कटारू, लंबाथाच, चिऊणी, थुनाग, पखरैर, मुरहाग, शिकावरी, लेहथाच, कांढ़ा-बगस्याड, शरण, बहलीधार, शिल्हीबागी, बागाचनोगी, भाटकीधार, कलहणी, खबलेच, जैंशला, बस्सी, कुकलाह और बाखली पंचायतें सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बूंगरैलचौक और थुनाग बाजार में असुरक्षित घरों में मलबा घुस गया, जिससे हजारों लोगों को खतरा पैदा हो गया है। लगातार बारिश ने सराज की सभी सड़कों को बंद कर दिया है। पीडब्ल्यूडी की महीने भर की मेहनत पर पानी फिर गया, क्योंकि बाखलीखड्ड में बने अस्थायी कलवर्ट बह गए। पर्यटन नगरी जंजैहली शेष विश्व से पूरी तरह कट गई है। बिजली आपूर्ति ठप होने से पूरा सराज अंधेरे में डूबा हुआ है। उधर, गोहर उपमंडल की ज्यूणी घाटी के देवीदहड़, जहल, जाच्छ, करनाला, तुन्ना और शाला में भारी बारिश के कारण ज्यूणी खड्ड का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। लोग डर के चलते घरों से बाहर निकल आए हैं। गोहर, स्यांज, नांडी और पंडोह के निवासियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर ज्यूणी खड्ड के किनारे रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।

 भरमौर-पठानकोट हाईवे पर पर भूस्खलन
चंबा जिले में भरमौर-पठानकोट हाईवे पर लूणा, खदामुख, केरु पहाड़ के पास भूस्खलन हुआ। मौके पर मौजूद मशीनरी ने हाईवे बहाल कर दिया है। इसके अलावा जिला में 14 संपर्क मार्ग, 28 बिजली ट्रांसफार्मर और 42 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। भटियात विधानसभा क्षेत्र कालीधार में सड़क धंसने और सड़क क्षतिग्रस्त होने से प्रदेश और देश से कटा हुआ है। वहीं चुराह उपमंडल बंजली-चरोड़ी मार्ग भूस्खलन से पिछले एक सप्ताह से बंद है। सड़क बंद होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्षेत्र में खाद्य सामग्री, एलपीजी सिलिंडर, सब्जियां समेत अन्य सामान खत्म हो चुका है। वहीं क्षेत्र में 15 गाड़िया फंसी हैं।

आज भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, इतने दिन बरसेंगे बादल
बीती रात को मंडी में 151.2, बग्गी 104.8, सुंदरनगर 84.1, मुरारी देवी 83.0, नादौन 78.0, गोहर 72.0, करसोग 56.3, पालमपुर 55.8, पंडोह 53.0, नंगल डैम 49.0 व ब्राह्मणी में 48.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।  माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से राज्य के कई भागों में 11 अगस्त तक बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान है। आज  कई भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। 6 से 11 अगस्त के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 

मानसून में अब तक 1,990 कच्चे-पक्के घर क्षतिग्रस्त
प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 4 अगस्त तक 192 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 301 लोग घायल हुए हैं। 36 लोग अभी भी लापता हैं। इस दाैरान 81 लोगों की सड़क हादसों में माैत हुई है।  बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 1,990 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 1,524 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,546 पालतु पशुओं की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 1,75,363.84 लाख रुपये पहुंच गया है।

भारी बारिश से बल्ह घाटी में बाढ़ जैसे हालात, हाईवे बना तालाब
भारी बारिश से बल्ह घाटी में बाढ़ के हालात बन गए हैं। खेतों में भी बाढ़़ का पानी घुस गया है। बीती रात से जारी भारी बारिश के चलते क्षेत्र की सुकेती खड्ड उफान पर है। ऑटोमोबाइल एजेंसियों की पार्किंग में भी बाढ़ का पानी घुस गया। दर्जनों गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं।  क्रेन के जरिये से बाढ़ में फंसे वाहनों को निकाला गया। नेशनल हाईवे भी तालाब बन गया है। 

भारी बारिश से मंडी में ब्यास नदी उफान पर, प्राचीन पंचवक्त्र मंदिर तक पहुंचा पानी
भारी बारिश से मंडी जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। ब्यास नदी उफान पर है। इससे नदी का पानी प्राचीन पंचवक्त्र मंदिर तक पहुंच गया है। छोटी काशी के इस 16वीं सदी में बने मंदिर को मौजूदा समय में सिल्ट और मलबे से चारों तरफ से घेर लिया है। भगवान शिव की नगरी मंडी में शिव का यह मंदिर लोगों की आस्था से जुड़ा है।


 

मंडी-कुल्लू एनएच पर कई स्थानों पर भूस्खलन
मंडी-कुल्लू एनएच पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण कई स्थानों पर बंद हो गया है। मंडी से बनाला तक इस मार्ग पर कई जगह पत्थर व मलबा गिरने की सूचना है। शनि मंदिर बनाला, झलोगी टनल के पास, दवाडा आर्मी कैंप के पास तथा दवाडा फलाईओवर के पास एनएच अभी भी बंद है। कुल्लू जिले में कई जगह सड़कों के बंद होने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला सैंज-रैला सड़क पर देखने को मिला, जहां सड़क पर हुए भूस्खलन से फंसी एक बोलेरो गाड़ी को लकड़ी के स्लीपरों को सड़क के खराब प्वाइंट पर रखकर निकाला गया। इस दौरान चालक ने जोखिम उठाया है।

भूस्खलन से बालू स्कूल, दो गोशालाएं क्षतिग्रस्त, पांच भेड़ों व एक बछड़ी की मौत  
कुल्लू जिला की रघुपुर घाटी के बालू गांव में भूस्खलन से प्राइमरी स्कूल बालू को भारी नुकसान हुआ है। भारी बारिश के चलते स्कूल के पीछे से हुए भूस्खलन की चपेट में जहां स्कूल भवन आया है। वहीं, दो गोशालाएं व सेब बगीचे तहस-नहस हो गए।  भूस्खलन की चपेट में आने से गांव के करीब पांच से छह घर बाल-बाल बच गए। बताया जा रहा है कि गोशाला में माैजूद पांच भेड़ व एक बछड़ी की भी भूस्खलन से माैत हो गई।

भारी बारिश के बाद किन्नौर के रिब्बा नाले में आई बाढ़
किन्नौर जिले में सुबह से लगातार जारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। किन्नौर के रिब्बा नाले में बाढ़ आ गई। बाढ़ आने से पूह-काजा संपर्क मार्ग एनएच पांच के पास बंद हो गया। वहीं उपमंडल बंगाणा से शांतला-कामलू सड़क की हालत खस्ता हो गई है।  हथलौन से तूतडु मुख्य मार्ग पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। शिमला में टिटला होटल जाखू के पास भूस्खलन हुआ है।
 







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