जानिए क्यों सबसे खास रहा विधानसभा का छठा दिन?
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विधानसभा का छठा दिन काफी खास रहा। सरकार ने कई बडे़ सवालों पर जवाब दिए। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य में सड़क हादसों में मरने वाले हर व्यक्ति के परिजनों को डेढ़ लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। जिन्हें इससे कम धनराशि दी गई है, उन्हें भी सरकार शेष राशि देगी। वह प्रश्नकाल के दौरान सदन में जवाब दे रहे थे।
नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने मसला उठाया था कि सरकार ने जो सूचना दी है, उसमें कहीं एक लाख मृतक के परिवार को दिया गया है तो कहीं डेढ़ लाख। ये राशि अलग अलग क्यों है? जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां कम राशि दी गई होगी, वहां भी पूरी दी जाएगी।
एक अन्य अनुपूरक प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सीमा के भीतर हादसे का शिकार होने वाले बाहरी लोग भी रिलीफ मैनुअल के मुताबिक मुआवजे के हकदार हैं। सड़क हादसों पर रविंद्र रवि, सतपाल सत्ती, कुलदीप कुमार के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने सदन में जानकारी दी कि एक जनवरी 2013 से 31 अक्तूबर 2014 तक प्रदेश में कुल 5486 हादसे हुए। इनमें 2017 लोगों की मौत हुई और करीब दस हजार घायल हुए।
फीस बढ़ोतरी : सरकार ने नहीं बताई कमेटी की रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की फीस बढ़ोतरी पर बनाई गई उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट को विधानसभा में रखने से सरकार ने मना कर दिया है। वीरवार को प्रश्नकाल के दौरान इस बारे में भाजपा विधायक विजय अग्निहोत्री ने सवाल उठाया था।
लिखित जवाब में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जानकारी दी कि ये रिपोर्ट सरकार को मिल गई है और विचाराधीन है। इसलिए इसे अभी पटल पर नहीं रखा जा सकता। हालांकि एक अन्य सवाल के जवाब में रूसा के प्रावधानों की जानकारी सरकार ने दे दी। इसके अनुसार राज्य के 35 कॉलेजों में से 18 में रूसा के तहत मेजर विषय शुरू किए जा चुके हैं।
दूसरी ओर जिस राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान यानी रूसा के कारण प्रदेश में अकादमिक अव्यवस्था से लेकर फीस बढ़ोतरी का हल्ला है, उसमें अब तक राज्य सरकार को केवल 12 करोड़ रुपये इस साल मिले हैं। भाजपा विधायक सुरेश भारद्वाज के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि एसएसए में इस साल 115 करोड़ और आरएमएसए में 112 करोड़ रुपये प्रदेश को मिले हैं।
कौल-महेंद्र में नोंकझोंक
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान विधायक महेंद्र सिंह की ओर से कुछ महीने पहले एनेस्थीसिया के घटिया गुणवत्ता वाले इंजेक्शन से हुई मौत के मामले में पूछे गए प्रतिपूरक सवाल पर भी कौल सिंह ने जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि इस मामले में कार्रवाई करते हुए प्रदेश सरकार ने कंपनी को इंजेक्शन का अलॉट वापस कर दिया है। कंपनी पर कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। वहीं, मामले से संबंधित डॉक्टर को ट्रांसफर कर दिया गया था।
हालांकि, महेंद्र सिंह ने विभाग की ओर से की गई कार्रवाई को नाकाफी बताया। इस पर दोनों में हल्की नोकझोंक भी हुई।
शराब पीने वाला डॉक्टर सस्पेंड
वहीं, मंडी जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थुनाग में लगे शिविर के दौरान शराब पीकर परिवार नियोजन के ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर को स्वास्थ्य विभाग ने लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया है। मामले पर विभाग ने जांच बैठा दी है। जांच के लिए एक डॉक्टर को नियुक्त किया गया है।
मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को थुनाग में डॉक्टरों की एक टीम भेज दी थी। वहीं, दूसरी टीम को वीरवार सुबह ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थुनाग में भेज दिया गया। इस टीम ने थुनाग में जानकारी मिलने तक परिवार नियोजन के 25 ऑपरेशन कर दिए हैं।
यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ने विधायक जयराम ठाकुर की ओर से नियम 62 के तहत लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत दी। स्वास्थ्य मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ की लापरवाही जीरो टोलरेंस होगी।
बाली को घेरने की कोशिश
शीतकालीन सत्र के छठे दिन विपक्ष ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री जीएस बाली को प्रश्नकाल के दौरान फिर घेरने की कोशिश की। भाजपा विधायक महेंद्र सिंह ने गेहूं की पिसाई के टेंडर और राशन खरीद के मसले पर सवाल पूछा था।
बाली ने सदन को बताया कि भारत सरकार से मिलने वाले गंदम की पिसाई करवाकर आटे के रूप में राशनकार्ड धारकों को दिया जाता है और ये प्रक्रिया काफी पुरानी है। 60 पैसे प्रति किलोग्राम पिसाई की दरें विभाग के पास पंजीकृत आटा मिलों एवं चक्कियों को दी जाती हैं।
जिस डिपो में खराब आटा मिला है, उसका नंबर महेंद्र सिंह बताएं मैं तुरंत अधिकारियों को उसकी जांच के निर्देश दूंगा। जिस टेंडर की बात की गई है उसे अभी तक अवार्ड ही नहीं किया गया है।
बाली ने दिया ये जवाब
मंत्री जीएस बाली ने वीरेंद्र कंवर और सुरेश भारद्वाज के सवालों का उत्तर देते हुए कहा कि चीनी को भारत सरकार ने नियंत्रण मुक्त कर दिया है और अब हम ओपन टेंडर से खुले बाजार से खरीद कर रहे हैं।
जिसे आगे एपीएल उपभोक्ताओं को मार्केट से सस्ती दरों पर तथा बीपीएल और अंत्योदय परिवारों को केंद्र सरकार द्वारा तय दरों पर हर माह चीनी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जाली और डुप्लीकेट राशन कार्ड भी बने हैं, जिनका विभाग पता लगाकर उन्हें रद्द कर रहा है। इस समस्या के हल के लिए हम इलेक्ट्रॉनिक कार्ड ला रहे हैं।
विधानसभा में गूंजे ये दो विधेयक
शीतकालीन विधानसभा सत्र के छठे दिन सदन में मुख्यमंत्री की ओर से दो विधयेक विचार के लिए लाए गए। इनमें से एक विधेयक ध्वनि मत और दूसरा अल्प चर्चा के बाद पारित कर दिया गया। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अभिलाषी विश्वविद्यालय (स्थापना और विनियमन) विधयेक, 2014 सदन में प्रस्तुत किया।
इस पर विपक्ष की ओर से विधायक आईडी धीमान ने कहा कि जब भाजपा सत्ता में थी तो कांग्रेस ने विपक्ष में रहते हुए इस विधेयक का विरोध किया था। लेकिन, अब उसी कांग्रेस को सत्ता में आने के बाद यह विधेयक अच्छा लगा।
कांग्रेस सरकार की ओर से पेश किए गए इस विधेयक में जरा भी बदलाव नहीं किया गया है। जैसा विधेयक हमारी सरकार ने बनाया था, वही आज सदन में पेश किया गया। मैं विधेयक का विरोध नहीं कर रहा बल्कि इसके समर्थन में हूं। आईडी धीमान की बात के बाद मुख्यमंत्री ने तुरंत खड़े होकर कहा कि मैं भी निजी संस्थानों के खिलाफ नहीं हूं। जिन संस्थानों में गुणवत्ता और संसाधन नहीं होते, मैं उनके खिलाफ हूं।
विकास खंडों के पुनर्गठन पर विचार
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि उनकी सरकार इस सुझाव पर विचार करेगी कि राज्य में विकास खंड विधानसभा चुनाव क्षेत्रों के बराबर ही हों। वर्तमान में राज्य में विधानसभा की तो 68 सीटें हैं, लेकिन ब्लॉक दफ्तर 78 हैं। इनके पुनर्गठन पर विचार होगा।
जेपी के सौदे से सरकार बेखबर
जेपी कंपनी ने किन्नौर स्थित अपने पावर प्रोजेक्ट जिंदल ग्रुप की जेएसडब्ल्यू एनर्जी लिमिटेड को बेचे हैं, इस बारे में कोई जानकारी सरकार के पास नहीं है। भाजपा विधायक गुलाब सिंह ठाकुर के सवाल के जवाब में ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया ने सदन में लिखित जानकारी दी कि जेपी कंपनी ने इस बारे में सरकार के पास कोई आवेदन नहीं किया है।
रखवाली के लिए बेरोजगारों को लगाने पर सहमति
विधानसभा के शीतकालीन सत्र में संकल्प के दौरान मनरेगा के अंतर्गत जो कृषि संबंधी स्वीकार्य कार्य हैं, उसमें से जंगली जानवरों से किसानों की खेती की रखवाली करने का कार्य प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को देने संबधी विषय पर प्रस्ताव को सदन में स्वीकर कर लिया गया। इस प्रस्ताव को सदन केंद्र सरकार को भेजेगा।
संपर्क सड़कों के लिए विशेष बजट पर नहीं बनी सहमति
गैर सरकारी सदस्य संकल्प के तहत सदन में विधायक इंद्र सिंह की ओर से मनरेगा, सांसद और विधायक क्षेत्र विकास निधि इत्यादि से जो ग्रामीण संपर्क सड़कें निर्मित की जाती हैं उनके रखरखाव के लिए सरकार माइनर रिपेयर हेड में विशेष बजट का प्रावधान करे विषय पर सहमति नहीं बनी। इसलिए, इंद्र सिंह के संकल्प को इस पर सहानुभूति से विचार करने के आश्वासन के बाद वापस ले लिया गया।
मेहरबान हैं सीमेंट कंपनियां
राज्य में खुले बाजार में सीमेंट बेच रही कंपनियों ने इस बार राज्य सरकार के साथ हुई बैठक में किए अपने वादे को पिछले छह महीने से कायम रखा है। भाजपा विधायक रविंद्र रवि द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में उद्योग मंत्री मुकेश अगिभनहोत्री ने सदन में जानकारी रखी है। इसमें अंबुजा, जेपी और एसीसी सीमेंट के प्रचलित रेट की जानकारी भी दी गई।
सीमेंट कीमतें कम करने पर राज्य सरकार के साथ सीमेंट कंपनियों की बैठक जुलाई में हुई थी। इसमें रेट घटाने पर सहमति बनी थी। हालांकि राज्य सरकार का कोई नियंत्रण सीमेंट कीमतों पर नहीं होता। जुलाई में कम हुई कीमतें अब तक कायम हैं। केवल लाहौल स्पीति और किन्नौर जिलों में परिवहन लागत के कारण सीमेंट का रेट ज्यादा है।