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इस बार तपोवन में गूंजेंगे 470 सवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
Updated Tue, 02 Dec 2014 12:07 PM IST
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तपोवन स्थित विधानसभा परिसर में 5 से 12 दिसंबर तक चलने वाले शीतकालीन सत्र की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शीतकालीन सत्र में सदन की सात बैठकें होंगी। इस बार शनिवार को भी सदन की बैठक बुलाई गई है। इन बैठकों में 370 तारांकित और 100 अतारांकित प्रश्नों पर चर्चा होगी। ये सभी प्रश्न पहले ही संबंधित विभागों को उत्तर देने के लिए भेज दिए गए हैं।
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विधानसभा अध्यक्ष बीबीएल बुटेल ने तपोवन स्थित परिसर में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि सड़कों, प्रदेश के विभिन्न भागों में स्थापित होने वाले संस्थानों, महाविद्यालयों में लागू रूसा, विभिन्न विभागों में रिक्त पदों, पेयजल और सिंचाई योजनाओं आदि विषयों पर अधिक से अधिक प्रश्न पूछे जाएंगे।
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बुटेल ने कहा कि 5 दिसंबर को सुबह 10 बजे विपक्ष के नेता सहित पक्ष के सदस्यों की विधानसभा परिसर में बैठक बुलाई गई है ताकि सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाया जा सके। उन्होंने सभी विधायकों से अधिकाधिक सहयोग सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सदन में व्यवधान से लोग विचलित होते हैं। उन्होंने विधायकों से आग्रह किया वे प्रश्नकाल के दौरान कोई भी व्यवधान न डालें ताकि जनता को प्रश्नों के उत्तर मिल जाएं।
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वाकआउट विधायकों को अधिकार है लेकिन वे इसे नियमों के तहत ही प्रयोग करें। तपोवन में होने वाले शीतकालीन सत्र में भी पहली बार ई-विधान लागू होगा। इससे सदन की गति, दक्षता, पारदर्शिता एवं सुरक्षा को बल मिला है। इस मौके पर कांगड़ा के प्रशासनिक अधिकारियों समेत विधानसभा सचिव मौजूद रहे।
विधानसभा के दूसरे भवन की जरूरत नहीं थी: तपोवन में विधानसभा भवन के औचित्य पर पूछे गए सवाल पर बीबीएल बुटेल ने कहा कि हिमाचल में विधानसभा के दूसरे भवन की जरूरत नहीं थी। लेकिन अब भवन जब बन ही गया है तो इसका संरक्षण करना ही पड़ेगा। तपोवन में 10 से 15 दिन तक सत्र चलने से इस भवन का ज्यादा लाभ मिलेगा।
जनता से सीधे जुड़ेंगे विधायक
बुटेल ने कहा कि विधायकों को जनता से सीधा जोड़ने के लिए हम एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। प्रोजेक्ट अमल में आया तो लोग मोबाइल पर ही ऐप के जरिए अपने विधायक को अपनी बात बता सकेंगे। भविष्य में अधिकारी एवं प्रेस दीर्घाओं में ईयरफोन की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि टॅच-स्क्रीन से एजेंडा एवं संबद्व जानकारी मुहैया हो जाती है। सदन की चर्चा का पूर्ण ब्योरा अंत में संशोधित तरीके से उपलब्ध करवाया जाएगा जिसे इंटरनेट पर भी देखा जा सकता है।