विधानसभा में फिर हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट
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तपोवन (धर्मशाला)। विधानसभा शीत सत्र के चौथे दिन विपक्षी दल भाजपा ने भू सुधार कानून की धारा 118 के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
सोलन के बड़ोग स्थित मैसर्ज कोरिनस होटल हटमैट्स की प्रॉपर्टी लौटाने और शिमला में मैसर्ज तेंजिन कन्सट्रक्शन को लैंड यूज बदलने की अनुमति देने पर विपक्ष भड़क गया।
नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने प्रदेश के हितों से समझौता करने का आरोप सरकार पर लगाते हुए कैबिनेट के उस फैसले पर उठाए, जिसके तहत बड़ोग के होटल की ऐसी प्रॉपर्टी लौटा दी गई, जो सरकार में निहित हो चुकी थी।
प्रशनकाल के दौरान भाजपा विधायकों महेंद्र सिंह, रविंद्र रवि और सतपाल सत्ती ने पिछले दो साल में धारा 118 के तहत मंजूर मामलों की जानकारी मांगी।
दो साल में 240 मामलों को मंजूरी
जवाब में राजस्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने बताया कि दो साल में सरकार ने भू धारा 118 के तहत कुल 240 मामलों को मंजूरी दी है। 42 मामले रिन्यू किए गए और केवल 5 मामलों में लैंड यूज चेंज की अनुमति दी गई।
कौल सिंह ने कहा कि बड़ोग के होटल के मामले में कैबिनेट ने फैसला मानवता के आधार पर लिया है। एक महिला व्यवसायी ने ये होटल बनाया था जबकि शिमला के तेंजिन केस में लैंड यूज दफ्तर के बजाय अस्पताल के लिए बदलने को मंजूरी दी है, जो लोगों के लिए तैयार होने वाली सुविधा है।
विपक्ष ने सवाल उठाए कि प्रदेश में मानवता के आधार पर क्या कोई और मंजूरी भी सरकार ने दी है? पक्ष-विपक्ष में तकरार बढ़ने के बाद भाजपा विधायक प्रशनकाल छोड़ नारे लगाते हुए सदन से चले गए और प्रशनकाल के बाद वापस आए।
प्रियंका वाड्रा को नए सिरे से दी गई मंजूरी
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा को शिमला के छराबड़ा में प्रदेश भूमि खरीदने के लिए सरकार ने नए सिरे से धारा 118 की मंजूरी दी है।
एक बार ये केस पूर्व भाजपा सरकार के समय क्लीयर हुआ था। अब 2013 में भी छराबड़ा में 0-04-46 हेक्टेयर भूमि खरीद के लिए मंजूरी दी गई।
इसका मकसद बागवानी बताया गया है। अभी सेल डीड नहीं हुई है, इसलिए सरकार ने इस मंजूरी को रिन्यू भी कर दिया है। हालांकि विधानसभा में रखे गए जवाब से ये साफ नहीं हो रहा है कि प्रियंका गांधी यहां घर बनाना चाहती हैं या बागीचा लगाना चाहती हैं।