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Una News: युवक की मौत से गुस्साए परिजनों ने शव के साथ 24 घंटे जाम रखा ऊना-चंडीगढ़ एनएच
Sat, 04 Mar 2023 08:52 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, मैहतपुर (ऊना)
संवाद न्यूज एजेंसी, मैहतपुर (ऊना)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 04 Mar 2023 08:52 PM IST
सार
समझौते के तहत मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा, मृतक के बेटे की पढ़ाई का खर्च और पत्नी को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया गया।
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प्रदर्शन करते परिजन और ग्रामीण।
- फोटो : संवाद
विस्तार
जिला ऊना के सरहदी गांव सनोली के युवक देवेंद्र कुमार (39) की मैहतपुर के एक निजी अस्पताल आनंद राज मलिक में नाक के ऑपरेशन के बाद मौत को लेकर चल रहा हंगामा और धरना प्रदर्शन 24 घंटों के बाद समाप्त हुआ। परिजनों ने वीरवार से लेकर शनिवार सुबह तक 24 घंटे सड़क पर शव रखकर ऊना-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने लंबी वार्ता के बाद परिजनों से लिखित समझौता कर एनएच बहाल करवाया।
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समझौते के तहत मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा, मृतक के बेटे की पढ़ाई का खर्च और पत्नी को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया गया। शिकायत पर पुलिस ने अस्पताल को सील कर दिया और अस्पताल के मालिक डॉ. कोमल मलिक और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर ईशान पर केस दर्ज किया है। एनएच बहाल होने के बाद वाहन चालकों और यात्रियों ने राहत की सांस ली।
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इससे पहले परिजनों के साथ ग्रामीणों ने मैहतपुर, संतोषगढ़, टाहलीवाल, रामपुर और कई संपर्क मार्गों पर चक्का जाम कर दिया। यही नहीं, रेल ट्रैक भी जाम करने की चेतावनी दी थी। स्थिति को बिगड़ती देख मौके पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ क्विक रिएक्शन टीम मौजूद रही। ग्रामीण प्रशासन व निजी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। मुआवजा राशि व नौकरी की मांग लेकर शव सहित ग्रामीण ऊना-चंडीगढ़ मार्ग पर अड़े रहे।
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इस बीच उपायुक्त राघव शर्मा के साथ भीड़ की धक्का-मुक्की तक नौबत आ गई। पुलिस ने उन्हें घेरे में लेकर गाड़ी तक पहुंचाया और मुख्यालय की ओर रवाना किया। शनिवार को उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक अर्जित सिंह ठाकुर, सीएमओ मंजू बहल समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने मृतक के परिजनों से लंबी वार्ता कर लिखित समझौते के बाद शाम चार बजे यातायात बहाल करवाया। एसपी ने बताया कि समझौते के बाद यातायात बहाल कर दिया है। शव शाम पांच बजे हाईवे से उठाकर दाह संस्कार के लिए ले जाया गया। मृतक की पत्नी मोनिका ने कहा, उन्हें पूरा भरोसा है कि जिला प्रशासन अपने समझौते पर अमल करके उनके परिवार की सहायता करेगा।
यह है मामला
गत बुधवार को देवेंद्र नाक का ऑपरेशन करवाने मैहतपुर के निजी अस्पताल पहुंचे थे। यहां ऑपरेशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें इंडस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल मोहाली रेफर कर दिया। मोहाली पहुंचते ही देवेंद्र की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि निजी अस्पताल के डॉक्टर ने इलाज में लापरवाही बरती, जिस कारण मौत हुई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। वीरवार अपराह्न तीन बजे शव टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा से पोस्टमार्टम के बाद लाया गया और गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने निजी अस्पताल के सामने शव रख कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।