यहां होगा ट्रेड यूनियनों का अधिवेशन, राष्ट्रव्यापी हड़ताल की बनेगी रूप रेखा
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ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच की बैठक सीटू कार्यालय शिमला में बुधवार को हुई। बैठक में 25 नवंबर को शिमला के कालीबाड़ी हाल में मजदूरों और कर्मचारियों के राज्य स्तरीय अधिवेशन के आयोजन का फैसला लिया गया।
संयुक्त मंच के राज्य संयोजक डॉ. कश्मीर ठाकुर ने बताया कि बैठक में 8 और 9 जनवरी को मजदूरों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की रुप रेखा और आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार लगातार मजदूर विरोधी निर्णय ले कर श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी फेरबदल कर रही है। आउटसोर्स मजदूरों और कांट्रेक्ट कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। न्यू पेंशन स्कीम के जरिये कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
महंगाई सूचकांक के साथ नहीं जोड़ा गया
मजदूरों के न्यूनतम वेतन को प्रदेश में महंगाई सूचकांक के साथ नहीं जोड़ा गया है। स्कीम कर्मियों के लिए किये गए अपने वायदे से केंद्र सरकार मुकर रही है। सार्वजनिक क्षेत्र बीमा, बीएसएनएल, बैंक, रक्षा क्षेत्र सहित अन्यों में विनिवेश के जरिये उन्हें खत्म करने की कोशिश की जा रही है। मोटर व्हीकल एक्ट में फेरबदल कर ट्रांसपोर्ट सेक्टर को खत्म करने की साजिश हो रही है।
केंद्र की मोदी सरकार केवल पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का कार्य कर रही है।बैठक में सीटू के राज्य अध्यक्ष जगत राम, राज्य महासचिव प्रेम गौतम, राज्य सचिव विजेंद्र मेहरा, इंटक महासचिव बीएस चौहान, एचएमएस राज्य महासचिव राजू भारद्वाज, मंडल अध्यक्ष खेमराज, मंडल सचिव रविंद्र ठाकुर, एनजेडआईईए मंडल सचिव देवीदास, मंडल उपाध्यक्ष सुभाष भट्ट, मंडल सचिव प्रदीप मिन्हास इस दौरान मौजूद रहे।