Himachal Technical University: प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में शुरू किए जाएंगे पीएचडी कोर्स
इंजीनियरिंग कॉलेज प्रगतिनगर, सुंदरनगर, नगरोटा बंगवा, हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बिलासपुर और ज्यूरी (रामपुर) में ये कोर्स शुरू होंगे। तकनीकी विवि हमीरपुर की शैक्षणिक परिषद की 31वीं बैठक में कॉलेजों में पीएचडी शुरू करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
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हिमाचल प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में पीएचडी कोर्स शुरू किए जाएंगे। इंजीनियरिंग कॉलेज प्रगतिनगर, सुंदरनगर, नगरोटा बंगवा, हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बिलासपुर और ज्यूरी (रामपुर) में ये कोर्स शुरू होंगे। तकनीकी विवि हमीरपुर की शैक्षणिक परिषद की 31वीं बैठक में कॉलेजों में पीएचडी शुरू करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। विवि के कुलपति प्रो. शशि कुमार धीमान की अध्यक्षता में हुई बैठक में कोर्स शुरू करने को लेकर अधिष्ठाता शैक्षणिक की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने को स्वीकृति दी गई। बैठक में विभिन्न विषयों के नए पाठ्यक्रम शुरू करने की भी मंजूरी प्रदान की गई, जो बोर्ड ऑफ स्टडीज में पारित किए गए हैं। इस दौरान शहीद कैप्टन विक्रम बतरा महाविद्यालय में ऑफ कैंपस शुरू कर यहां इंजीनियरिंग कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
फैसला लिया गया कि इसको लेकर सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद यहां पर ऑफ कैंपस शुरू कर इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की जाएगी। कुलपति ने कहा कि सभी इंजीनियरिंग, फार्मेसी सहित अन्य स्नातक-स्नातकोत्तर विषयों का नया पाठ्यक्रम शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें चार साल की इंटिग्रेटेड डिग्री का प्रावधान रखा है। इसमें भारतीय ज्ञान प्रणाली को भी विशेष रूप से शामिल है। बैठक में कुलसचिव अनुपम कुमार, अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. जयदेव, एनआईटी उत्तराखंड के निदेशक प्रो. ललित अवस्थी, प्रो. दीपक बंसल, प्रो. हिमांशु मोंगा, डॉ. विनय ठाकुर, डॉ. एलराजू, प्रो. उमेश राठौर, डॉ. विवेक शर्मा, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. एसपी गुलेरिया, डॉ. गुरविंदर सिंह मौजूद रहे।
बी-फार्मेसी की 115 सीटें आवंटित
तकनीकी विवि में वीरवार को बी-फार्मेसी के लिए हुई काउंसलिंग में 115 अभ्यर्थियों को सीटें आवंटित की गईं। जिन अभ्यर्थियों को सीटें आवंटित हुई हैं, उन्हें संबंधित शिक्षण संस्थानों में 31 जुलाई शाम चार बजे तक उपस्थित होना होगा। जो तय समय अवधि में संस्थानों में रिपोर्ट नहीं करेगा, तो उसकी सीट खाली मानी जाएगी।