{"_id":"5fa151f6099b6e1ff5664c87","slug":"himachal-secretariat-demanded-27-thousand-fees-for-rti-information","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरटीआई की सूचना के लिए हिमाचल सचिवालय ने मांगी 27 हजार फीस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरटीआई की सूचना के लिए हिमाचल सचिवालय ने मांगी 27 हजार फीस
Wed, 04 Nov 2020 12:09 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 04 Nov 2020 12:09 PM IST
विज्ञापन
आरटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरटीआई के एक कार्यकर्ता को जनहित की सूचना बहुत महंगी पड़ी। कोरोना वायरस पर सीएम कोविड फंड की सूचना मांगी तो सचिवालय प्रशासन ने 27 हजार रुपये की फीस मांग ली। पेपरलेस होने का दंभ भरने वाले हिमाचल के सरकारी विभागों ने डिजिटल फॉर्म में देने की जहमत नहीं उठाई। हिमाचल प्रदेश पेपरलेस होने को कई पुरस्कार लिए जा चुके हैं। साढ़े 13 हजार पेज देने के लिए 27 हजार रुपये की फीस मांगी।
विज्ञापन
शिमला निवासी रवि कुमार ने इस संबंध में मुख्य सचिव कार्यालय से एक सूचना मांगी। उन्होंने जानकारी मांगी कि कोविड काल में मुख्यमंत्री कोविड फंड का पैसा जहां-जहां खर्च किया गया है। उसके बारे में जानकारी दी जाए। मुख्य सचिव कार्यालय ने इस पत्र को आगे आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ को भेजा। आपदा प्रबंधन सेल के अनुभाग अधिकारी और जनसूचना अधिकारी ने पत्र भेजा कि यह सूचना 13 हजार 500 पृष्ठों की है।
विज्ञापन
जनसूचना अधिकारी ने रवि कुमार को पत्र भेजकर कहा कि यह सूचना 27 हजार रुपये में दिलाई जा रही है। इसके लिए फीस जमा कर लें। इस पर रवि कुमार ने राज्य सूचना आयोग में शिकायत की है कि उन्होंने कुछ और सूचना मांगी थी, जबकि दी कुछ और ही जा रही है। उन्हें यह सूचना पेपर में देने के बजाय पैन ड्राइव या डीवीडी से दी जाए।
विज्ञापन