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हिमाचल में बनेगी अलग स्काउट्स बटालियन? सीएम सुक्खू ने केंद्र से की मांग, सीमावर्ती युवाओं को मिलेगा मौका
Sun, 25 Oct 2026 04:46 PM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 25 Oct 2026 04:46 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में अलग स्काउट्स बटालियन गठित करने की मांग मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार के समक्ष उठाई है। इससे सीमावर्ती जिलों किन्नौर और लाहौल-स्पीति के युवाओं को सेना में भर्ती के विशेष अवसर मिलने की उम्मीद है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू संबोधित करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में लद्दाख, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश की तर्ज पर अलग स्काउट्स बटालियन गठित करने की मांग उठी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार से हिमाचल स्काउट्स की समर्पित बटालियन बनाने का आग्रह किया है। इससे प्रदेश के युवाओं, विशेषकर सीमावर्ती जिलों किन्नौर और लाहौल-स्पीति के युवाओं को सेना में भर्ती के विशेष अवसर मिल सकते हैं। साथ ही, चीन से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर देश की रक्षा तैयारियों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों के युवा दुर्गम पहाड़ी इलाकों और कठिन जलवायु परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं। ऐसे में उनकी क्षमताओं का उपयोग सैन्य अभियानों में किया जा सकता है। हिमाचल स्काउट्स की अलग बटालियन गठित होने से ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों में सेना की अभियान संबंधी क्षमताओं में भी वृद्धि हो सकती है।
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प्रदेश के एक लाख से अधिक युवा सशस्त्र बलों में दे रहे सेवाएं
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के साथ वीरभूमि के रूप में भी जाना जाता है। प्रदेश के एक लाख से अधिक युवा सशस्त्र बलों में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि लगभग इतनी ही संख्या में पूर्व सैनिक भी देश की रक्षा और सुरक्षा में अपना योगदान दे चुके हैं। यह प्रदेश की गौरवशाली सैन्य परंपरा को दर्शाता है।
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हिमाचल ने दिए चार परमवीर चक्र विजेता
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सैन्य विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा हिमाचल प्रदेश से संबंध रखते थे। प्रदेश के वीर सैनिकों ने अपने शौर्य, समर्पण और बलिदान से देश का मान बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र की रक्षा के लिए हिमाचल के सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान देने से कभी पीछे कदम नहीं खींचे। प्रदेश की वीरभूमि ने चार परमवीर चक्र विजेता दिए हैं। यह हिमाचल की साहस, वीरता, देशभक्ति और बलिदान की गौरवशाली परंपरा का प्रमाण है।
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