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हिमाचल: सुंदरनगर में स्कूली बच्चों ने लिया पटाखे न चलाने का संकल्प
Mon, 09 Nov 2020 06:41 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 09 Nov 2020 06:41 PM IST
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छात्र-छात्राओं ने पटाखे न जलाने का संकल्प लिया।
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल के मंडी जिले के सुंदरनगर प्रदूषण के लिए सबसे अधिक संवेदनशील है। कोरोना काल में दिवाली के पटाखे फूटने से प्रदूषण की मात्रा अधिक बढ़ सकती है। जिससे लोगों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में अब छात्र-छात्राएं दिवाली के पावन त्योहार पर पटाखे न जलाने का संकल्प ले रहे हैं। अमर उजाला ने भी पटाखों को लेकर मुहिम चला रखी है। सोमवार को एंजल स्कूल के इंटरेक्ट क्लब सदस्य दीक्षा, दीपाली, कनिका, अंशिका और प्रियंका इत्यादि ने बताया कि आजकल उत्तर भारत के लगभग सभी शहरों में पराली जलाने के कारण प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है।
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जिससे बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में एक सभ्य नागरिक होने के नाते हमें दिवाली पर पटाखे नहीं चलाने चाहिए। रोशनी के त्योहार दिवाली पर सिर्फ दीए की रोशनी से वातावरण को जगमग करना चाहिए, न कि पटाखों के शोरगुल के साथ इसे प्रदूषित करना चाहिए। बच्चों ने जिला वासियों से ग्रीन दिवाली मनाने का आह्वान किया है। पटाखों और आतिशबाजी के इस्तेमाल के विरुद्ध लड़ाई में जिला के लोगों का सहयोग जरूरी है। प्रधानाचार्य सरु कौशल ने बताया वह बच्चों के इस निर्णय से काफी खुश हैं। उन्होंने आम जनता से भी आह्वान किया कि दिवाली पर पटाखे न चलाएं।
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