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हिमाचल के निजी स्कूलों ने 10 फीसदी तक बढ़ाई फीस, विभाग ने दिए ये आदेश
Wed, 24 Apr 2019 10:25 AM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 24 Apr 2019 10:25 AM IST
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प्रदेश के निजी स्कूलों ने इस साल वार्षिक फीस में पांच से दस फीसदी की बढ़ोतरी की है। उच्च शिक्षा निदेशालय के पास सूबे के 688 निजी स्कूलों की फीस रिपोर्ट पहुंची है। अब महंगाई दर के हिसाब से फीस बढ़ोतरी का आकलन किया जाएगा।
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इस आकलन पर खरा उतरते हुए फीस बढ़ाने वाले निजी स्कूलों को आगामी तीन साल तक फीस नहीं बढ़ाने के आदेश दिए जाएंगे। मनमानी फीस बढ़ोतरी करने वाले स्कूलों से बढ़ी हुई राशि आगामी किस्त में एडजस्ट करवाई जाएगी।
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मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशालय में सभी जिलों के निरीक्षण विंग के उपनिदेशकों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सूबे के 688 निजी स्कूलों की फीस रिपोर्ट उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा को सौंपी गई।
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रिपोर्ट की समीक्षा शुरू कर दी गई है
फाइल फोटो
निदेशक ने बताया कि रिपोर्ट की समीक्षा शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक समीक्षा से स्पष्ट हुआ है कि निजी स्कूलों ने पांच से दस फीसदी की फीस बढ़ोतरी की है। निदेशक ने बताया कि अब बढ़ी हुई फीस का आकलन महंगाई दर से किया जाएगा।
अगर बढ़ती महंगाई के हिसाब से फीस बढ़ोतरी सही पाई गई तो ऐसे स्कूलों को आगामी तीन साल तक फीस नहीं बढ़ाने के आदेश जारी किए जाएंगे। जिन स्कूलों ने नियमों के खिलाफ जाकर फीस बढ़ाई होगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आगामी किस्त में बढ़ी हुई राशि को एडजस्ट करवाया जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक अधिकांश निजी स्कूलों ने पीटीए का गठन कर लिया है। नर्सरी से लेकर जमा दो तक इस बार हुई फीस बढ़ोतरी की समीक्षा के लिए निदेशालय स्तर पर कमेटी बनी है। सरकार से मंजूरी लिए बिना स्कूल परिसरों में बेची जा रही ड्रेस और स्टेशनरी के मामले भी जांचे जा रहे हैं। -डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक
अगर बढ़ती महंगाई के हिसाब से फीस बढ़ोतरी सही पाई गई तो ऐसे स्कूलों को आगामी तीन साल तक फीस नहीं बढ़ाने के आदेश जारी किए जाएंगे। जिन स्कूलों ने नियमों के खिलाफ जाकर फीस बढ़ाई होगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आगामी किस्त में बढ़ी हुई राशि को एडजस्ट करवाया जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक अधिकांश निजी स्कूलों ने पीटीए का गठन कर लिया है। नर्सरी से लेकर जमा दो तक इस बार हुई फीस बढ़ोतरी की समीक्षा के लिए निदेशालय स्तर पर कमेटी बनी है। सरकार से मंजूरी लिए बिना स्कूल परिसरों में बेची जा रही ड्रेस और स्टेशनरी के मामले भी जांचे जा रहे हैं। -डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक