{"_id":"64af907b754d2ecd4206d195","slug":"himachal-rain-kalka-shimla-national-highway-restore-for-heavy-vehicles-after-two-days-2023-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal Rain: कालका-शिमला हाईवे से 56 घंटे बाद शुरू हुई ट्रक और बसों की आवाजाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal Rain: कालका-शिमला हाईवे से 56 घंटे बाद शुरू हुई ट्रक और बसों की आवाजाही
Thu, 13 Jul 2023 06:26 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 13 Jul 2023 06:26 PM IST
सार
नेशनल हाईवे पांच पर चंडीगढ़ की ओर जाने वाले 200 ट्रकों को सुबह निकाला गया। इसके बाद दो दिन से इंतजार कर रहे ट्रक चालकों को काफी राहत मिली। यह सभी ट्रक सुरक्षित चंडीगढ़ पहुंच गए हैं।
विज्ञापन
कालका-शिमला एनएच बहाल।
- फोटो : संवाद
विस्तार
कालका-शिमला नेशनल हाईवे-पांच तंबूमोड़ से मलबा हटाने पर 56 घंटे बाद बड़े ट्रक और बसों की आवाजाही शुरू हो गई है। इससे पहले यहां पर सड़क के ढह जाने और दूसरी लेन में भारी मात्रा में मलबा आने के बाद छोटे वाहनों को ही चलने दिया जा रहा है। वहीं बसें शिफ्टिंग में चलाई जा रही थीं, जो सवारियों को आधे रास्ते छोड़कर दूसरी बसों में शिफ्ट करवा रही थीं। करीब 1000 ट्रक और बस चालक और परिचालक दो दिन तक सड़क बंद होने से फंसे रहे। वर्तमान में भी 80 फीसदी पहाड़ी वाली लेन बंद है और वनवे आवाजाही चल रही है।
विज्ञापन
वहीं इन ट्रकों को निकालने के लिए ग्रिल कंपनी की ओर से यहां पर से बुधवार रात मलबा हटाने का कार्य किया। इसके लिए रात 9 से 11 बजे तक हाईवे को पूर्ण रूप से बंद रखा गया। लेकिन हाईवे पर फिर से भूस्खलन हो गया। इससे 11 घंटे तक हाईवे बाधित रहा। हालांकि देर रात 12 से 12:10 बजे तक मलबा हटाकर कुछ वाहनों को निकाला भी गया। इतने में तेज बारिश होने के बाद तंबूमोड़ में भूस्खलन हो गया। इसके बाद हाईवे पूर्ण रूप से सुबह 8 बजे सुचारू हो सका। हाईवे के बंद रहने के दौरान छोटे वाहनों को डायवर्ट भी किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं शिमला के तारादेवी वाया जुबड़हट्टी और कुमारहट्टी-नाहन नेशनल हाईवे से भी कुछ वाहनों को निकाला गया। वीरवार सुबह जैसे ही सड़क सुचारू हुई इसके बाद सबसे पहले चंडीगढ़ की ओर बड़े ट्रक और बसों को रवाना किया गया। इसके बाद पहले चरण में दैनिक उपभोग की चीजें लेकर आ रहे ट्रकों को निकाला गया।
गौर रहे कि तीन दिन हुई मूसलाधार बारिश के बाद कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर परवाणू से सोलन के बीच बने फोरलेन पर खतरा मंडरा रहा है। हाईवे पर चलना खतरे से खाली नहीं है। डर के साये में लोग यहां से निकल रहे हैं। हालांकि खतरे को देखते हुए कई बार वाहनों को रोका भी जाता है। अभी भी तंबूमोड़ पर लगातार खतरा मंडरा रहा है।
200 ट्रक को भेजा चंडीगढ़
नेशनल हाईवे पांच पर चंडीगढ़ की ओर जाने वाले 200 ट्रकों को सुबह निकाला गया। इसके बाद दो दिन से इंतजार कर रहे ट्रक चालकों को काफी राहत मिली। यह सभी ट्रक सुरक्षित चंडीगढ़ पहुंच गए हैं। वहीं पहले चरण की सड़क खोलने के बाद शिमला की ओर 100 ट्रक भेजे गए। इनमें अधिकतर वाहन दैनिक उपभोग का सामान ले जाने वाले थे।
दूध-ब्रेड की सप्लाई दोपहर बाद पहुंची
तंबूमोड़ के समीप हाईवे बंद रहने के कारण दैनिक उपभोग की वस्तुओं का सामान दो दिन बाद वीरवार दोपहर बाद सोलन पहुंचा। इसके बाद ही दूध-ब्रेड की सप्लाई हो सकी। सोलन में दोपहर 12:30 बजे दूध-ब्रेड और अखबार की गाड़ियां सोलन पहुंचीं। वर्तमान में केवल हाईवे पर ही सप्लाई हो सकी। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य वस्तुएं नहीं पहुंच सकी। हालांकि रोजमर्रा की जरूरत वाले वाहनों को पहले भी निकाला जा रहा था, मगर हिमाचल में फंसने के डर से बाहरी राज्यों की कंपनियों ने हिमाचल की सप्लाई बंद कर दी थी।