हिमाचल में बारिश, ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद
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हिमाचल में बारिश से कृषि और बागवानी को भारी नुकसान हो रहा है। खराब मौसम ने किसानों और बागवानों के होश उड़ा दिए हैं। गेहूं, आम, खुमानी, बादाम, सेब की फसल बर्बाद हो रही है।
सिरमौर में एक पखवाड़े के भीतर करोड़ों की नकदी फसल बारिश, ओलावृष्टि से मटर, लहसून, गोभी, सरसों, तूड़िया, प्याज, टमाटर की पनीरी, फलों में प्लम, सेब खुमानी एवं आडू की फसल करीब 70 प्रतिशत खराब हो चुकी है।
सराहां, राजगढ़, शिलाई, संगड़ाह, हरिपुधार, रेणुका पांवटा, धौलाकुआं, राजपुर और कालाअंब क्षेत्र में 30 हजार बीघा में गेहूं एवं सरसों की खड़ी फसल या तो खेतों में बिछती जा रही है। अभी तक तीन से सवा तीन करोड़ के नुकसान का अंदेशा है।
जिला ऊना में मौसम के तेवर गेहूं की फसल पर भारी पड़ रहे हैं। जिले में करीब तीस फीसदी फसल बेमौसमी बारिश ने तबाह कर दी है। आ
इससे पूर्व भी जिला में सब्जियों की आधी फसल बारिश और बाढ़ की भेंट चढ़ चुकी हैं। पिछले करीब एक सप्ताह से जिला में हो रही बारिश से कृषि कारोबार को करीब 20 लाख का नुकसान होने का अनुमान है, जबकि अब तक बेमौसमी बारिश से जिला में करीब एक करोड़ 30 लाख रुपये की फसलें चौपट हो चुकी हैं।
गेंहू और सरसों की फसल तबाह
प्रदेश में बेमौसमी बरसात से फसलों का भारी नुकसान हुआ है। राजस्व विभाग ने अब तक 48 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया है। बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं और सरसों की फसल को हुआ है।
ओलावृष्टि और बारिश से सेब के फूल की सेटिंग खराब हुई है। सबसे ज्यादा नुकसान कांगड़ा जिले में हुआ है। यहां 1907.65 लाख रुपये नुकसान का आकलन किया गया है।
सिरमौर में 853.55 लाख, चंबा जिले में 814.25 लाख, मंडी में 453.40 लाख, कुल्लू में 178.40 लाख, ऊना जिले में 133. 46 लाख, सोलन जिले में 128.51 लाख, बिलासपुर जिले में 109.00 लाख, हमीरपुर में 114.06 लाख, शिमला जिले में 53.45 लाख, किन्नौर जिले में 27.87 लाख रुपये फसलों के नुकसान का अनुमान लगाया है।
राजस्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह चिंतपूर्णी के विधायक कुलदीप कुमार की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि 50 से 75 फीसदी तक फसलों के नुकसान से किसानों को 300 रुपये प्रति बीघा के हिसाब से मुआवजा दिया जाता है। इससे ज्यादा नुकसान होने पर 700 रुपये के हिसाब से दिया जा रहा है।